November 2, 2026

गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव का भव्य समापन, सीएम धामी बोले- गोरखा समाज का बलिदान देश कभी नहीं भूल सकता

Gorkha

वीर गोरखा कल्याण समिति की ओर से गढ़ी कैंट स्थित विशाल महिंद्रा ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेले का रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान कलाकारों ने ‘जय महाकाली… आ गयो गोरखाली…’ की जोशीली सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर दर्शकों में उत्साह भर दिया। प्रस्तुति पर मौजूद लोग भी झूम उठे।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराना रोटी-बेटी का अटूट रिश्ता है। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और पारिवारिक संबंध बेहद मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि गोरखा समाज ने देश की रक्षा और सम्मान के लिए अनेक बलिदान दिए हैं। देश पर जब भी संकट आया, गोरखा समाज ने अपनी वीरता, समर्पण और साहस से महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखा समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराएं देश की सांस्कृतिक विविधता को और मजबूत करती हैं। नेपाली समाज के साथ विभिन्न त्योहारों का साझा उत्सव मनाना आपसी सद्भाव और एकता का प्रतीक है। उन्होंने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने देश में सबसे पहले इसे लागू कर ऐतिहासिक पहल की है। इसमें महिलाओं की सुरक्षा और समान अधिकारों को विशेष महत्व दिया गया है।

सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने नेपाल के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार हर परिस्थिति में नेपाल के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष कमल थापा ने कहा कि गोरखा समाज ने हमेशा देश और उसकी मिट्टी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। समाज की वीरता, त्याग और राष्ट्रभक्ति गौरव का विषय है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से गोरखा समाज के हित में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उनका आभार जताया।

समारोह में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और प्रदीप बत्रा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें राज्यमंत्री धीरेन्द्र पंवार, नेपाल दूतावास के कार्यवाहक राजदूत डॉ. सुरेंद्र थापा, दून इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन डीएस मान, ब्रिगेडियर राम सिंह थापा, देहरादून कैंट के सीईओ अनंत आकाश, गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री ज्योति कोटिया, परिषद के उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री अभिषेक शाही तथा असम गोरखा विकास परिषद के अध्यक्ष प्रेम तमांग प्रमुख रूप से शामिल रहे।

महोत्सव के तीसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। गणेश वंदना के साथ शुरू हुए कार्यक्रमों में नेपाली समूह नृत्य, गुजराती, पंजाबी, नेवारी, कुकुरी और मयूर नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। नेपाली कलाकारों और स्थानीय प्रतिभाओं ने अपनी प्रस्तुतियों से भारत और नेपाल की साझा सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में विभिन्न सांस्कृतिक समूहों और संस्थानों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

वीर गोरखा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा ने कहा कि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य गोरखा समाज की सांस्कृतिक विरासत, कला और परंपराओं का संरक्षण करना तथा विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

समिति ने महोत्सव के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले दानदाताओं, प्रायोजकों, कलाकारों, प्रतिभागियों, स्वयंसेवकों और आमजन का आभार जताया। साथ ही आयोजन में सहयोग के लिए पुलिस-प्रशासन और प्रदेश सरकार का भी धन्यवाद किया।

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