July 22, 2026

आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण के खिलाफ जन संघर्ष मोर्चा का प्रदर्शन, सीएम को भेजा ज्ञापन

विकासनगर में जन संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष Raghunath Singh Negi के नेतृत्व में तहसील परिसर में प्रदर्शन और घेराव किया। इस दौरान प्राइवेट आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा सरकारी विभागों और निगमों में कार्यरत कर्मचारियों के कथित शोषण के विरोध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसील प्रशासन को सौंपा गया।

मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों और निगमों में आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों को पे-स्लिप उपलब्ध नहीं कराई जाती, जिससे उनके साथ आर्थिक और प्रशासनिक स्तर पर शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश कर्मचारियों को यह तक जानकारी नहीं होती कि सरकार की ओर से उन्हें कितना वेतन स्वीकृत है और उनके वेतन का वास्तविक भुगतान कितना किया जा रहा है।

नेगी ने कहा कि कई एजेंसियां कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ और अन्य मदों में कटौती कर रही हैं, लेकिन कर्मचारियों को न तो उनका ईपीएफ नंबर बताया जाता है और न ही कटौती की पूरी जानकारी दी जाती है। इससे कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित हो रहा है।

उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग समेत कई विभागों में कार्यरत प्रवक्ताओं, बीआरपी, सीआरपी और अन्य कार्मिकों में इस व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है। उनका आरोप है कि सरकार द्वारा निर्धारित वेतन से भी एजेंसियों द्वारा मनमानी कटौती की जा रही है।

रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि संबंधित विभाग इन अनियमितताओं पर कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बने हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो जन संघर्ष मोर्चा मुख्यमंत्री और शासन स्तर पर इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगा।

मोर्चा ने मांग की कि आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित रूप से पे-स्लिप उपलब्ध कराई जाए, ईपीएफ संबंधी जानकारी पारदर्शी बनाई जाए तथा वेतन भुगतान प्रक्रिया की निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि कर्मचारियों का शोषण रोका जा सके।

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