प्रधानमंत्री मोदी और जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची ने की संयुक्त प्रेस वक्तव्य में $10 बिलियन से अधिक के कई समझौतों की घोषणा,
Delhi, 02 July 2026,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच 02 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 16वीं भारत-जापान वार्षिक शिखर वार्ता हुई | संयुक्त प्रेस वक्तव्य में, दोनों नेताओं ने भारत-जापान स्पेशल स्ट्रैटेजिक और ग्लोबल पार्टनरशिप को मजबूत करने के लिए रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इकोनॉमिक सिक्योरिटी में $10 बिलियन से अधिक के कई समझौतों की घोषणा की|
प्रधानमंत्री मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची को अपनी ‘छोटी बहन बताया और कहा कि, उनकी यात्रा से, हम अपनी स्पेशल स्ट्रेटीजिक एण्ड ग्लोबल पार्ट्नर्शिप के नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उन्हें ‘छोटी बहन’ कहे जाने पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों नेता एक जैसी सोच रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। ताकाइची ने कहा, आज भारत और जापान दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। क्षेत्र की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक और बाजार आधारित अर्थव्यवस्थाओं के रूप में हमने आज कई महत्वपूर्ण पहल शुरू की हैं। ये पहल पूरे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और प्रगति का रास्ता तैयार करेंगी।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, वैश्विक उथल-पुथल के आज के माहौल में, आपसी विश्वास हमारा सबसे बड़ा स्ट्रेटीजिक ऐसेट है। और मुझे गर्व है, कि भारत-जापान की साझेदारी इस कसौटी पर पूरी तरह खरी उतरती है। पिछले कई दशकों में, आटोमोटिव से लेकर इलेक्ट्रानिक्स तक, जापान ने भारत की ग्रोथ स्टोरी का अहम हिस्सेदार बनकर दोस्ती और विश्वास की एक अमूल्य पूंजी बनाई है।आज भारत और जापान, दोनों ही विश्व की सबसे बड़ी ईकानमीज़ में से हैं। एक स्वतंत्र और समृद्ध औरनियम-आधारित हिंद-प्रशांत हमारी साझा प्राथमिकता है। क्षेत्र की सबसे बड़ी डेमोक्रैटिक और मार्केट ईकानमीज़ के रूप में, आज हमने कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। इनसे हम मिलकर पूरे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
प्रधानमंत्री तकाइची और मेरा विश्वास है कि, टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप हमारे सहयोग का सबसे मजबूत स्तंभ बनेगी। इसी दृष्टिकोण को साकार करने के लिए, आज एआई के क्षेत्र में हमने एक ज्वाइंट स्टेटमेंट भी जारी किया है। भारतीय एआई इकोसिस्टम के कई प्रमुख संस्थानों ने भी आज अपने जापानी पार्टनर के साथ करार किए हैं। जापान की प्रिसिजन टेक्नोलॉजी और भारत की साफ्टवेयर क्षमता का संगम वैश्विक एआई विकास को नई गति और शक्ति देगा।
दोनों देशों ने अपने पहले रक्षा सह-विकास प्रोजेक्ट पर हस्ताक्षर किए महत्वपूर्ण खनिजों, स्वच्छ ऊर्जा, और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए आर्थिक सुरक्षा पर एक नया संयुक्त रोडमैप अपनाया गया |अगली पीढ़ी की गतिशीलता ऑटोमोटिव, शिपिंग, और विमानन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए ‘नेक्स्ट जेनरेशन मोबिलिटी पार्टनरशिप’ फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों में भारत में ¥10 ट्रिलियन (लगभग $10 बिलियन से अधिक के ताजा निवेश सहित) जापानी निवेश आकर्षित करने के लक्ष्य को दोहराया।
प्रधानमंत्री तकाइची और मेरा विश्वास है कि, टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप हमारे सहयोग का सबसे मजबूत स्तंभ बनेगी। इसी दृष्टिकोण को साकार करने के लिए, आज एआई के क्षेत्र में हमने एक ज्वाइंट स्टेटमेंट भी जारी किया है। भारतीय एआई इकोसिस्टम के कई प्रमुख संस्थानों ने भी आज अपने जापानी पार्टनर के साथ करार किए हैं। जापान की प्रिसिजन टेक्नोलॉजी और भारत की साफ्टवेयर क्षमता का संगम वैश्विक एआई विकास को नई गति और शक्ति देगा।
भारत और जापान की इकनॉमी कॉम्पलेमेंटरी हैं। सांस्कृतिक मूल्यों से लेकर आधुनिक टेक्नोलॉजी तक, हमारी सोच और अप्रोच में भी समानता है। और सबसे बढ़कर, हमारे संबंधों की नींव अटूट आपसी विश्वास पर टिकी है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी यह विशेष साझेदारी, सशक्त और समृद्ध जापान के आपके विज़न, विकसित भारत के हमारे संकल्प और विश्व की प्रगति को, नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी। एक सशक्त और समृद्ध जापान का आपका विज़न, विकसित भारत का हमारा संकल्प, और पूरे विश्व की प्रगति को मिलकर साकार करें।
