धामी कैबिनेट के अहम फैसले, शहीद सैनिकों की गांवों में लगेंगी प्रतिमाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, स्वास्थ्य, सहकारिता, कर्मचारियों और पूर्व सैनिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को प्रख्यापित करने सहित कुल 17 प्रस्तावों पर निर्णय लिए। बैठक में शहीद सैनिकों के सम्मान में उनके पैतृक गांवों में प्रतिमाएं स्थापित करने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
शहीद सैनिकों की याद में गांवों में लगेंगी प्रतिमाएं
कैबिनेट बैठक में राज्य के शहीद सैनिकों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए उनके पैतृक गांवों में प्रतिमाएं स्थापित करने का फैसला लिया गया। सरकार का उद्देश्य शहीदों के बलिदान और वीरता को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा उनके परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करना है। इस पहल से युवाओं को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सहकारी नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 प्रख्यापित करने का निर्णय लिया। नीति के तहत सहकारी संस्थाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, तकनीक-सक्षम और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में मूल्य श्रृंखला विकास, महिला और युवा सशक्तीकरण, रोजगार सृजन, वित्तीय समावेशन तथा पलायन से प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जाएगा।
वेतन मैट्रिक्स में संशोधन
कैबिनेट ने उत्तराखंड सरकारी सेवक वेतन नियम-2016 की अनुसूची-1 में वेतन लेवल को संशोधित करने का फैसला लिया है। लेवल-13ए के बाद अब लेवल-14 और लेवल-15 का प्रावधान किया जाएगा। ₹1,44,200-2,18,200 के वेतनमान को लेवल-14 तथा ₹1,82,200-2,24,100 के वेतनमान को लेवल-15 के रूप में संशोधित किया जाएगा।
उपनल कर्मियों को समान काम-समान वेतन का लाभ
कैबिनेट ने उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की प्रक्रिया को तीन चरणों में आगे बढ़ाने पर सहमति दी। पहले चरण में 1 जनवरी 2016 से पूर्व नियुक्त कर्मियों पर कार्यवाही चल रही है। दूसरे चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कर्मियों को शामिल किया जाएगा, जबकि तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त कर्मियों के संबंध में 1 अप्रैल 2027 से प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
वहीं, 1 जनवरी 2016 से पहले कार्यरत और वर्तमान में भी सेवा में मौजूद उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने का निर्णय लिया गया है।
मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन को मंजूरी
प्रदेश में दवाइयों, सर्जिकल सामग्री, रसायन, चिकित्सा उपकरण और इंप्लांट की समयबद्ध एवं पारदर्शी खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन के प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल ने सहमति दी। इससे स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता बेहतर तरीके से सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
हरिद्वार में NCDC शाखा के लिए जमीन
राज्य में रोग निगरानी और महामारी नियंत्रण की क्षमता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की शाखा स्थापित की जाएगी। इसके लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में उपलब्ध 65 एकड़ भूमि में से एक एकड़ भूमि 99 वर्ष की लीज पर एक रुपये में देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। प्रस्तावित शाखा में बीएसएल-3 स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
रिस्पना किनारे की मलिन बस्ती के परिवारों को आवास
रिस्पना नदी के किनारे बसी मलिन बस्ती के चयनित परिवारों को काठबंगला में बनाए गए 116 आवास आवंटित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी। सरकार का उद्देश्य नदी किनारे बसी मलिन बस्तियों का व्यवस्थित तरीके से विस्थापन करना है।
अग्निवीरों के लिए बनेगा समर्पित प्रकोष्ठ
मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत सेवामुक्त अग्निवीरों से जुड़े मामलों के लिए राज्य स्तर पर एक समर्पित प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा। इसके लिए संविदा के आधार पर छह पद सृजित किए जाएंगे, जिनमें एक उप निदेशक, दो सहायक निदेशक, दो कनिष्ठ सहायक और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर का पद शामिल है।
1320 मेगावाट बिजली खरीद को मंजूरी
ऊर्जा सुरक्षा और बेस-लोड बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड को अडानी पावर लिमिटेड से 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने की मंजूरी दी गई। बिजली खरीद का कुल टैरिफ ₹5.746 प्रति यूनिट रहेगा और समझौता 25 वर्षों के लिए होगा। इसके लिए यूपीसीएल को आवश्यक समझौते करने और नियामक आयोग से वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया गया है।
इसके अलावा कैबिनेट ने ग्रीन सेस में बदलाव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सांख्यिकीय संवर्ग नियमावली-2026, कारागार उप कारापाल सेवा संशोधन नियमावली, लोकायुक्त खोजबीन समिति नियमावली, आबादी सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रिया नियमावली, उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के कार्मिकों के सेवा स्थानांतरण तथा यूयूएसडीए के पुनर्गठन समेत अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी।
