साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई का नेटवर्क कैसे चला रहा है अपराध की दुनिया? टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद उठे गंभीर सवाल
नई दिल्ली/अहमदाबाद, 19 अक्टूबर 2026।
गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई एक बार फिर सुर्खियों में है। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई में हुई फायरिंग के बाद बिश्नोई गैंग के कथित नेटवर्क और जेल के भीतर से आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के आरोपों पर सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां हमले में शामिल लोगों और कथित गैंग कनेक्शन की पड़ताल कर रही हैं।
🔴जेल में बंद होने के बावजूद कैसे सक्रिय है नेटवर्क?
मीडिया रिपोर्टों और जांच एजेंसियों के आरोपों के मुताबिक, बिश्नोई का कथित आपराधिक नेटवर्क देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों तक फैला हुआ है। इस नेटवर्क पर रंगदारी, धमकी, गोलीबारी और लक्षित हत्याओं जैसी आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे हैं।
जांच में कई कथित सहयोगियों के नाम सामने आए हैं, जिन पर जेल के बाहर से नेटवर्क के संचालन और विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में भूमिका निभाने का संदेह है। हालांकि, नेटवर्क के वास्तविक संचालन और अलग-अलग घटनाओं में किसकी क्या भूमिका है, यह जांच का विषय है।
🔴 संचार के माध्यमों पर जांच एजेंसियों की नजर
जांच रिपोर्टों में आरोप लगाया गया है कि संगठित अपराध से जुड़े कुछ गिरोह जेल में बंद सरगनाओं और बाहर मौजूद सहयोगियों के बीच संपर्क बनाए रखने के लिए अवैध मोबाइल फोन तथा इंटरनेट आधारित संचार माध्यमों का इस्तेमाल करते हैं।
लॉरेंस बिश्नोई के मामले में भी ऐसे आरोप सामने आए हैं। हालांकि, उसके वर्तमान संचार माध्यमों और साबरमती जेल के भीतर से किसी विशिष्ट आपराधिक घटना को निर्देशित करने के दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
इस मामले ने जेलों की सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों की निगरानी और प्रतिबंधित संचार माध्यमों को रोकने की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
🔴 साबरमती जेल से बाहर ले जाना आसान नहीं
लॉरेंस बिश्नोई वर्ष 2023 से गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रतिबंधात्मक आदेश के कारण उसे दूसरे राज्य में ले जाने या उसकी हिरासत प्राप्त करने की प्रक्रिया सामान्य मामलों से अलग है।
रिपोर्टों के अनुसार, दूसरे राज्यों की पुलिस को उससे पूछताछ या उसे जेल से बाहर ले जाने के लिए संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं और आवश्यक अनुमतियों का पालन करना पड़ता है। अदालतों में कई कार्यवाहियां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी की जाती हैं।
🔴 टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग से फिर चर्चा में गैंग
18 अक्टूबर को मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की घटना सामने आई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस घटना में अभिनेता सुरक्षित रहे, जबकि दो अन्य लोगों के घायल होने की खबर है। मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है।
घटना के बाद कथित बिश्नोई गैंग के सदस्यों द्वारा जिम्मेदारी लेने के दावे भी सामने आए हैं। हालांकि, इन दावों की प्रामाणिकता और घटना में गैंग की वास्तविक भूमिका की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही होगी।
🔴 सबसे बड़ा सवाल: जेल के अंदर से अपराध पर नियंत्रण कैसे?
लॉरेंस बिश्नोई प्रकरण ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती रखी है—यदि किसी संगठित अपराध गिरोह का कथित सरगना जेल में बंद है, तो उसके बाहर मौजूद सहयोगियों के नेटवर्क को प्रभावी ढंग से कैसे तोड़ा जाए?
जेलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना, अवैध संचार पर रोक लगाना, वित्तीय लेन-देन की निगरानी करना और कथित सहयोगियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई करना इस चुनौती से निपटने के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
