June 24, 2026

राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ीं:राहुल गांधी की अभिव्यक्ति और बोलने की स्वतंत्रता संबंधी याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट में खारिज,

Prayagraj, 04 Jun 2025,

विपक्ष के नेता राहुल गांधी को इलाहाबाद हाई कोर्ट से

पूर्व बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन के निदेशक द्वारा लखनऊ की अदालत में दायर भारतीय सेना के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में राहत नहीं मिली है। राहुल गांधी की अभिव्यक्ति और बोलने की स्वतंत्रता संबंधी याचिका को इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने खारिज कर दिया। पीठ ने कहा, भारत के संविधान का अनुच्छेद 19 (1) (ए) अभिव्यक्ति और बोलने की स्वतंत्रता की गारंटी देता है। लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता उचित प्रतिबंधों के अधीन है।

राहुल गांधी ने लखनऊ के सांसद-विधायक कोर्ट द्वारा फरवरी 2025 में पारित समन आदेश और मानहानि मामले इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। ज्ञातव्य हो कि,पूर्व बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने लखनऊ की एक अदालत में, राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में उल्लेख किया गया था कि,16 दिसंबर 2022 को भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने 9 दिसंबर 2022 को भारत-चीन सेनाओं के बीच हुई झड़प के संबंध में की थी। शिकायत में दावा किया गया कि गांधी ने बार-बार अपमानजनक तरीके से कहा कि चीनी सेना अरुणाचल प्रदेश में हमारे सैनिकों को ‘पीट रही है’ और भारतीय प्रेस इस पर कोई सवाल नहीं उठाएगा।

राहुल गांधी ने हाई कोर्ट में तर्क दिया था कि, शिकायतकर्ता भारतीय सेना का अधिकारी नहीं है और उन्होंने शिकायतकर्ता के खिलाफ कोई मानहानिकारक बयान नहीं दिया। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि सीआरपीसी की धारा 199(1) के तहत, अपराध से प्रभावित कोई भी व्यक्ति ‘पीड़ित व्यक्ति’ माना जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि समन आदेश की वैधता की जांच के इस चरण में, प्रतिद्वंद्वी दावों के गुण-दोष में जाना आवश्यक नहीं है। यह कार्य ट्रायल कोर्ट को करना होगा. इसके साथ ही, गांधी की याचिका खारिज कर दी गई।

 

Share
Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.