मंगलौर के सौरभ हत्याकांड का खुलासा: तमंचे की जांच के दौरान चली गोली, तीन आरोपी गिरफ्तार
हरिद्वार जिले के मंगलौर कोतवाली क्षेत्र में हुए चर्चित सौरभ हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए मामले में बड़ा राजफाश किया है। जांच में सामने आया है कि सौरभ की मौत किसी हमले में नहीं, बल्कि 12 बोर के तमंचे की जांच के दौरान गलती से चली गोली लगने से हुई थी। साथ ही मृतक के साथियों ने पुरानी रंजिश का फायदा उठाकर तीन निर्दोष लोगों को हत्या के झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश भी रची थी।
पुलिस के अनुसार, 11 जुलाई को ग्राम बूढ़पुर जट्ट निवासी सौरभ अपने तीन साथियों के साथ पुरानी रंजिश के चलते विरोधियों का सामना करने के इरादे से 12 बोर का तमंचा लेकर गया था। इसी दौरान हथियार की जांच करते समय सुमित के हाथ से अचानक गोली चल गई, जो सीधे सौरभ को जा लगी। गंभीर रूप से घायल सौरभ को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद सौरभ के साथ मौजूद उसके साथियों ने पुरानी दुश्मनी का लाभ उठाते हुए अनुज, रॉबिन और प्रद्युम्न को हत्या के झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया।
हालांकि, मंगलौर पुलिस ने 112 कॉल की जानकारी, तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच की। जांच में सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने सुमित, डिम्पल और आशीष को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 12 बोर का तमंचा और एक खोखा कारतूस भी बरामद किया गया है।
पुलिस ने जांच में मिले तथ्यों के आधार पर मुकदमे की धाराओं में संशोधन करते हुए गैर-इरादतन हत्या सहित अन्य संबंधित धाराएं जोड़ दी हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की गई है।
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि सौरभ की मौत तमंचे से आकस्मिक रूप से चली गोली लगने से हुई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने निष्पक्ष जांच के जरिए निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
शेखर चंद्र सुयाल (एसपी देहात)
