June 2, 2026

15 दिनों से पानी की किल्लत से जूझ रही मसूरी, व्यापार मंडल ने किया विरोध प्रदर्शन

पर्यटन नगरी मसूरी में पिछले करीब 15 दिनों से पेयजल संकट गहराने के कारण स्थानीय लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की नियमित आपूर्ति न होने से नाराज मसूरी व्यापार मंडल ने मंगलवार को उत्तराखंड जल संस्थान के कार्यालय में धरना-प्रदर्शन कर जल्द समस्या के समाधान की मांग उठाई।

व्यापार मंडल का कहना है कि 144 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई यमुना-मसूरी पेयजल पंपिंग योजना के तहत वर्ष 2052 तक मसूरी में पेयजल संकट समाप्त होने का दावा किया गया था, लेकिन वर्तमान हालात इस दावे की पोल खोल रहे हैं। शहर के कई क्षेत्रों में पानी की भारी कमी बनी हुई है और लोगों को वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि इस योजना को स्वीकृति दिलाने के लिए मसूरी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने करीब पांच वर्षों तक संघर्ष किया था। बावजूद इसके, आज भी पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं हो पा रही है। उनका आरोप है कि उत्तराखंड जल संस्थान और जल निगम के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

पर्यटन सीजन अपने चरम पर होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। होटल संचालकों को पर्यटकों की जरूरतें पूरी करने के लिए निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है, जिससे उनकी लागत बढ़ रही है। व्यापारियों का कहना है कि इससे मसूरी की पर्यटन छवि भी प्रभावित हो रही है और होटल व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

मसूरी व्यापार मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड जल संस्थान की कार्यप्रणाली सरकार की छवि को धूमिल कर रही है। उन्होंने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण लोगों को टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे निजी टैंकर व्यवसाय को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने जल संस्थान और जल निगम के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की मांग की।

वहीं उत्तराखंड जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अमित सिंह ने बताया कि हाल ही में हुई बारिश के कारण जिंसी कुल्टी पंप में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसे ठीक कर लिया गया है। इसके अलावा यमुना पंपिंग पेयजल योजना की सप्लाई लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसकी मरम्मत पूरी कर ली गई है।

अधिशासी अभियंता ने बताया कि वर्तमान में दो पंपों के माध्यम से प्रतिदिन 8 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है और जलापूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं, जबकि विभाग लगातार पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रहा है।

फिलहाल मसूरी में पेयजल संकट को लेकर लोगों की चिंता बनी हुई है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जल संस्थान कब तक पूरी तरह से आपूर्ति व्यवस्था को पटरी पर ला पाता है।

रजत अग्रवाल अध्यक्ष मसूरी व्यापार मंडल

अमित कुमार अधिशासी अभियंता उत्तराखंड जल संस्थान

Reported By: Praveen Bhardwaj

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