October 1, 2026

उत्तराखंड में 1 अक्टूबर से शुरू होगी मिलेट्स की खरीद, 250 केंद्रों पर किसानों से सीधे मंडुवा समेत पहाड़ी उत्पाद खरीदेगा यूसीएफ

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पर्वतीय क्षेत्रों में पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) एक अक्टूबर से प्रदेशभर में मिलेट्स की खरीद शुरू करेगा। मिलेट्स मिशन योजना के तहत इस फसली वर्ष प्रदेश में 250 क्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों से सीधे मंडुवा, झंगोरा, तिलहन, चैलाई, दालें और अन्य पहाड़ी उत्पाद खरीदे जाएंगे।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से पर्वतीय क्षेत्रों में पारंपरिक कृषि को फिर से बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने पारंपरिक और मोटे अनाज की खेती छोड़ दी थी, वे अब दोबारा पारंपरिक खेती की ओर लौट रहे हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को शत-प्रतिशत ऑर्गेनिक स्टेट बनाना है।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में जैविक खेती का लाभ किसानों को मिल रहा है। उनके उत्पादों को सीधे बाजार उपलब्ध हो रहा है और आने वाले समय में जैविक उत्पादों की मांग बढ़ने की संभावना है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए इस वर्ष मंडुवा 52.05 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जाएगा। पिछले वर्ष मंडुवा का खरीद मूल्य 48.86 रुपये प्रति किलो था।

250 क्रय केंद्रों पर होगी खरीद

सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद ने बताया कि मिलेट्स की खरीद और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। जिलों में किसानों तक क्रय केंद्रों और निर्धारित खरीद मूल्य की जानकारी पहुंचाने के लिए कहा गया है, ताकि अधिक से अधिक किसान योजना का लाभ उठा सकें।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों को किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराने के साथ ही खरीद का भुगतान डीबीटी के माध्यम से करने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ल ने बताया कि एक अक्टूबर से शुरू होने वाली खरीद प्रक्रिया के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसानों से उपज खरीदने के लिए इस वर्ष प्रदेशभर में 250 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। पिछले वर्ष 214 केंद्रों के माध्यम से खरीद हुई थी। इस लिहाज से इस वर्ष 36 अतिरिक्त क्रय केंद्र बनाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि यूसीएफ हाट के माध्यम से भी किसानों के उत्पादों की खरीद और विपणन को बढ़ावा दिया जाएगा। मंडुवा निर्धारित 52.05 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जाएगा, जबकि सोयाबीन, दाल, झंगोरा, चैलाई और अन्य सूखे अनाज व पहाड़ी उत्पादों की खरीद बाजार मूल्य के आधार पर की जाएगी।

खरीदे गए उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बेहतर मार्केटिंग की जाएगी, ताकि उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।

पिछले साल 11,153 किसानों से खरीदा गया 53,860.652 कुंतल मंडुवा

विभागीय अधिकारियों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में यूसीएफ ने प्रदेश में 214 क्रय केंद्रों के माध्यम से कुल 53,860.652 कुंतल मंडुवा खरीदा था। यह खरीद प्रदेश के 11,153 किसानों से की गई थी।

पिछले वर्ष चमोली में सबसे अधिक मंडुवा खरीद दर्ज की गई, जबकि सबसे अधिक किसानों ने टिहरी में अपने उत्पादों की बिक्री की। कुमाऊं मंडल में पिथौरागढ़ मंडुवा खरीद के मामले में सबसे आगे रहा।

लगातार बढ़ाया गया मंडुवा का खरीद मूल्य

उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ सहकारिता विभाग की शीर्ष सहकारी संस्था है। इसके माध्यम से गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों में किसानों से सीधे मिलेट्स की खरीद की जाएगी।

इस वर्ष मंडुवा का खरीद मूल्य 52.05 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष यह दर 48.86 रुपये प्रति किलो थी। इससे पहले मंडुवा 18 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जाता था। इस वर्ष खरीद दर बढ़ाकर 52.05 रुपये प्रति किलो किए जाने से किसानों को पहले की तुलना में बेहतर मूल्य मिलेगा।

इसके अलावा प्रत्येक क्विंटल मंडुवा की खरीद पर संबंधित सहकारी समिति को 200 रुपये की आय प्राप्त होगी। इससे सहकारी समितियों की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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