सीएम धामी के कार्यक्रम से पहले हल्द्वानी व्यापार मंडल में फूट, महानगर इकाई ने प्रदेश संगठन से तोड़ा नाता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 9 अक्टूबर को प्रस्तावित व्यापारी सम्मेलन से पहले हल्द्वानी के व्यापार मंडल में अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया है। महानगर व्यापार मंडल की निर्वाचित टीम ने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल से संबंध विच्छेद करने का ऐलान किया है। महानगर इकाई ने यह भी कहा है कि उसके पदाधिकारी 9 अक्टूबर को होने वाले सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे।
महानगर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष एवं दर्जा राज्य मंत्री नवीन वर्मा पर संगठन के संचालन और वित्तीय मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि संगठन में वित्तीय पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और सदस्यता शुल्क समेत अन्य धनराशि के हिसाब-किताब को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
महानगर इकाई के पदाधिकारियों के अनुसार, करीब 3.50 लाख रुपये के हिसाब-किताब को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। उनका दावा है कि इस संबंध में जिला और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
महानगर टीम ने प्रदेश और जिला कार्यकारिणी पर संगठन में मनमानी करने के आरोप भी लगाए हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि इन परिस्थितियों के चलते व्यापारियों और संगठन के बीच असंतोष बढ़ा है। उनका कहना है कि प्रांतीय संगठन से अलग होने का निर्णय व्यापारियों के हित, पारदर्शिता और जवाबदेही को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
9 अक्टूबर को होना है व्यापारी सम्मेलन
गौरतलब है कि 9 अक्टूबर को हल्द्वानी में प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल का व्यापारी सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। सम्मेलन में प्रदेशभर से व्यापारी प्रतिनिधियों के पहुंचने की बात कही गई है। कार्यक्रम की शुरुआत व्यापारी रैली से होगी, जिसके बाद मेडिकल कॉलेज सभागार में सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
सम्मेलन में व्यापारियों की समस्याओं और व्यापारिक हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न मांगें रखे जाने का कार्यक्रम है। ऐसे में सम्मेलन से ठीक पहले महानगर इकाई के अलग होने और कार्यक्रम के बहिष्कार के ऐलान से व्यापार मंडल का विवाद चर्चा में आ गया है।
हालांकि, महानगर इकाई की ओर से लगाए गए वित्तीय और संगठनात्मक आरोपों पर प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा अथवा प्रदेश संगठन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
