उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के सहयोग से ग्रीन नैनोटेक्नोलॉजी कार्यशाला का सफल समापन
देहरादून स्थित CIMS एंड आर कॉलेज के पैरामेडिकल विभाग द्वारा ग्रीन नैनोटेक्नोलॉजी विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल समापन हुआ। यह कार्यशाला उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के सहयोग से आयोजित की गई, जिसमें नैनोटेक्नोलॉजी, हरित रासायनिक संश्लेषण, नैनोपार्टिकल्स के अनुप्रयोग और एंटीमाइक्र्रोबियल तकनीकों पर गहन चर्चा हुई।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में CIMS एंड UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को शोध, नवाचार और व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, देहरादून के उप महानिदेशक (शिक्षा) डॉ. विनीत कुमार ने नैनोटेक्नोलॉजी के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने हरित संश्लेषण तकनीकों और नैनोपार्टिकल्स के एंटीमाइक्रोबियल उपयोगों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ग्रीन-सिंथेसाइज्ड नैनोपार्टिकल्स का उपयोग घावों के उपचार, चिकित्सा उपकरणों पर एंटीबैक्टीरियल कोटिंग तथा दवा-प्रतिरोधी रोगजनकों से निपटने में प्रभावी रूप से किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि ये तकनीकें पारंपरिक एंटीबायोटिक्स का एक सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बनकर उभर रही हैं। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण भी दिया गया, जिसमें ग्रीन संश्लेषण और एंटीमाइक्रोबियल परीक्षण विधियों का व्यावहारिक अनुभव कराया गया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस कार्यशाला में CIMS कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल्स सहित प्रदेश के विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों ने भाग लेकर इसे सफल बनाया।
