देश की मौजूदा सरकार ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को आईसीयू में धकेल दिया है: कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार
Delhi, 06 July 2026,
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने कहा, नीट-यूजी पेपर लीक और विभिन्न परीक्षाओं में धांधली को लेकर कांग्रेस केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक अभियान चला रही है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की मांग कर रही है। कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को आईसीयू में धकेल दिया है।
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने सोमवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पेपर लीक के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार को घेरा हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से नीट परीक्षा की प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आक्रोशित छात्रों को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। कन्हैया कुमार ने कहा कि आज तक कोई भी ऐसी प्रतियोगी परीक्षा नहीं है जिस पर सवाल नहीं उठाए जा रहे हों? उन्होंने मध्य प्रदेश के एक टेक्नीकल महाविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि वहां तो पूरा प्रश्नों के पेपर का बंडल ही चोरी हो गया। केंद्र सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा, मौजूदा सरकार ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को आईसीयू में धकेल दिया है।
कन्हैया कुमार ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार देशभर के विद्याार्थियों के बीच जाकर उनके मुलाकात कर रहे हैं एवं उनके बात कर रहे हैं। भारत जोड़ो यात्रा या फिर भारत न्याय यात्रा इन कार्यक्रमोंं में भी छात्रों ने आकर भी राहुल गांधी से कई मुद्दों पर बात की है। राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों और अभिभावाकों के बीच में एक प्रिजेंटेशन रखा था। इसी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस पार्टी ‘छात्रों की गूंज’ आंदोलन को चला रहे हैं।
कन्हैया कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से कहा कि, हमारी तीन प्रमुख मांगें है। पहली, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पेपर लीक मामले में इस्तीफा देना चाहिए। दूसरी, भारत के शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना चाहिए, जिसके लिए यूनाइटेड प्रोगेसिव एलाइंस यूपीए सरकार ने एक कमेटी बनाई थी, लेकिन नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस एनडीए सरकार ने मनमाने ढंग से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एनटीए बना दिया। तीसरी अंतिम मांग है कि युवाओं के लिए एक रेगुलर जॉब कैलेंडर जारी किया जाना चाहिए और परीक्षा भर्ती प्रक्रिया के लिए एक शैक्षणिक कैलेंडर जारी किया जाना चाहिए।
