श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया सिंधी समाज का तीजड़ी पर्व
सिंधी समाज का पावन तीजड़ी पर्व मंगलवार को झूलेलाल मनोकामना सिद्ध मंदिर में श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सिंधी समाज की सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर 24 घंटे का निर्जला व्रत रखा।
पर्व के अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं मंदिर परिसर में एकत्र हुईं और विधि-विधान के साथ तीजड़ी माता की पूजा-अर्चना की। इसके बाद महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक तीजड़ी माता की कथा सुनी और परिवार की खुशहाली, पति की दीर्घायु तथा दांपत्य जीवन में सुख-शांति की कामना की।
तीजड़ी पर्व में चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता के अनुसार व्रत रखने वाली महिलाएं चंद्रमा के दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद ही अपना निर्जला व्रत खोलती हैं। हालांकि, मंगलवार को बारिश और घने बादलों के कारण चंद्रमा के दर्शन नहीं हो सके। इसके बावजूद महिलाओं की श्रद्धा और आस्था में कोई कमी नहीं आई।
महिलाओं ने कहा कि प्रकृति ने भले ही चंद्रमा को बादलों के पीछे छिपा दिया हो, लेकिन परिवार की खुशियों और पति की दीर्घायु के लिए उनके मन में आस्था का चांद सदैव जगमगाता रहेगा।
पर्व के दौरान मंदिर परिसर में पूरे दिन श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर परिवारों में सुख, शांति, प्रेम और समृद्धि की कामना की। पर्व ने सिंधी समाज की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की सुंदर झलक भी प्रस्तुत की।
