सुप्रीम कोर्ट का केंद्र सरकार को,सभी हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों को समान और पूरी पेंशन देने का निर्देश,
Delhi,19 May 2025,
सुप्रीम कोर्ट ने आज सोमवार को हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों को ‘वन रैंक, वन पेंशन’ दिए जाने के संबंध में एक अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों को उनकी नियुक्ति के स्रोत , नियुक्ति की तारीख या स्थायी या अतिरिक्त जज होने के आधार पर भेदभाव किए बिना समान और पूरी पेंशन देने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के जजों और सभी जिला जजों को भी पोस्ट-रिटायरमेंट लाभ समान रूप से देने के निर्देश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गावई की अध्यक्षता वाली पीठ ने ‘वन रैंक, वन पेंशन’ के सिद्धांत का समर्थन करते हुए कहा कि वेतन की तरह ही रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले सभी लाभों में समानता होनी चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के सभी जज पूर्ण पेंशन पाने के हकदार हैं। चाहे वे बार से सीधे नियुक्त हुए हों या जिला अदालत से प्रमोट हुए हों। इनके अलावा अतिरिक्त जजों और स्थायी जजों में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा। ग्रेच्युटी, विधवा पेंशन और अन्य पारिवारिक लाभ सभी जजों के लिए समान होंगे, जिससे किसी भी जज या उनके डिपेंडेंट के साथ भेदभाव न हो। रिटायरमेंट के बाद किसी भी तरह का भेदभाव अनुच्छेद 14 के खिलाफ होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि हाईकोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस को वार्षिक 15 लाख रुपये और अन्य रिटायर्ड जजों को 13.5 लाख रुपये की पूर्ण पेंशन दी जाए।
