August 8, 2026

बिजली के खंबों पर अवैध रूप से लटके कई कंपनियों के तारों का अनियंत्रित जाल लोगों के लिए घातक।

ऋषिकेश की गलियों में बिजली के खंबों पर अवैध रूप से लटके कई कंपनियों के तारों का अनियंत्रित जाल लोगों के लिए घातक बनता जा रहा है। आज वार्ड नंबर 10 सदानंद मार्ग पर एक बिजली के खंबे पर लगी आग की घटना ने यह साफ कर दिया कि बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा हैं। बिजली के पोल पर भड़की आग केवल एक शॉर्ट-सर्किट नहीं, बल्कि निजी ऑपरेटरों की मनमानी और प्रशासन की अनदेखी का प्रमाण है। बता दे कि आज वार्ड नंबर 10 में बिजली के एक खंभे से उठी चिंगारी ने सेकंडों में विकराल रूप ले लिया। इसका बड़ा कारण पोल पर लिपटा फाइबर ऑप्टिक्स और अवैध केबलों का गुच्छा दिखा।

स्थानीय लोगों की सूचना पर दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर आई और फायर कर्मियों ने आग बुझाई। इस हादसे ने नगर निगम की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। क्षेत्रीय पार्षद आशू डंग ने तीखे तेवर अपनाते हुए प्रशासन को घेरा है। उन्होंने साफ कहा कि बोर्ड बैठकों में इस खतरे पर कई बार चेतावनी दी गई। ​केबल बिछाने के लिए सिस्टमैटिक डक्टिंग का सुझाव दिया गया जिसे अनसुना किया गया। ​निजी इंटरनेट कंपनियों पर लगाम कसने में विभाग नाकाम रहा है।

यह सिर्फ एक पोल की आग नहीं है बल्कि यह उस लापरवाही की आग है जो पूरे शहर को अपनी चपेट में ले सकती है। मामले में बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता शक्ति सिंह प्रसाद ने बताया कि जल्दी ही जांच कर अवैध रूप से तार लटकाने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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