June 24, 2026

त्रिस्तरीय पंचायत परिसीमन…प्रस्तावों पर आपत्तियां दर्ज करने का आज आखिरी दिन

डीएम के निर्देश पर जिला स्तरीय परिसीमन एवं पुनर्गठन समिति जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत वार्डों के परिसीमन के कार्य में जुटी है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 18 सितंबर को परिसीमन प्रस्तावों की अनंतिम सूची प्रकाशित कर दी गई थी।

जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत वार्डों के पुनर्गठन प्रस्तावों पर आपत्तियां दर्ज कराने का आज आखिरी दिन है। वहीं आपत्तियां की सुनवाई और निस्तारण का कार्य 24 व 25 सितंबर को डीएम की अध्यक्षता में होगा। इसके बाद 26 सितंबर को वार्डों के परिसीमन और पुनर्गठन की अंतिम सूची प्रकाशित कर दी जाएगी। अभी तक परिसीमन को लेकर 35 से अधिक आपत्तियां जिलेभर से प्राप्त हो चुकी

दरअसल, ग्राम पंचायत और ग्राम पंचायत वार्डों के परिसीमन और पुनर्गठन का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। फिलहाल डीएम के निर्देश पर जिला स्तरीय परिसीमन एवं पुनर्गठन समिति जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत वार्डों के परिसीमन के कार्य में जुटी है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 18 सितंबर को परिसीमन प्रस्तावों की अनंतिम सूची प्रकाशित कर दी गई थी।

दरअसल, ग्राम पंचायत और ग्राम पंचायत वार्डों के परिसीमन और पुनर्गठन का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। फिलहाल डीएम के निर्देश पर जिला स्तरीय परिसीमन एवं पुनर्गठन समिति जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत वार्डों के परिसीमन के कार्य में जुटी है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 18 सितंबर को परिसीमन प्रस्तावों की अनंतिम सूची प्रकाशित कर दी गई थी।

इस पर सोमवार 23 सितंबर तक आपत्तियां मांगी गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक जिलेभर से 35 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जिलाधिकारी के अध्यक्षता में 24 और 25 सितंबर को सभी आपत्तियों पर सुनवाई और निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 26 सितंबर को जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत वार्डों के परिसीमन और पुनर्गठन की अंतिम सूची प्रकाशित कर दी जाएगी। 27 सितंबर को परिसीमन की अंतिम सूची निदेशालय को भेज दी जाएगी।

जीत पक्की करने के लिए जोड़-तोड़ बैठा रहे माननीय

परिसीमन में कई जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत वार्डों की स्थितियों में बदलाव आना लगभग तय है। जिले में ग्राम पंचायत और पंचायत वार्डों की संख्या भी पहले से कहीं अधिक हो गई हैं। ऐसे में जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत वार्डों के गठन में इसका असर दिखाई देना लाजिमी है। उधर, वार्डों को आबादी के हिसाब से जोड़ने-तोड़ने से कई माननीयों में बेचैनी है। अभी तक अधिकांश शिकायतें वार्डों में आबादी की अदला-बदली को लेकर की गई हैं। माननीय चुनाव लड़ने से पहले ही अपनी-अपनी जीत पक्की करने के लिए समीकरण बैठा रहे हैं।

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