August 8, 2026

भाजपा शासित राज्यों के लिए मॉडल बन सकता है यूसीसी

असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने पिछले दिनों ही समान नागरिक संहिता लागू करने का एलान किया। माना जा रहा है कि जल्द बिस्वा सरकार भी विधानसभा में विधेयक पेश करेगीसमान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक विधानसभा में पारित कराकर उत्तराखंड की धामी सरकार ने भाजपा शासित राज्यों के सामने लंबी लकीर खींच दी है।

माना जा रहा है कि अब उत्तराखंड की इस लीक पर भाजपा शासित राज्यों के चलने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। उत्तराखंड के बाद असम की भाजपा सरकार यूसीसी बिल विधानसभा में सबसे पहले पेश कर सकती है। राजस्थान सरकार भी यूसीसी लाने का एलान कर चुकी है।असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने पिछले दिनों ही समान नागरिक संहिता लागू करने का एलान किया। माना जा रहा है कि जल्द बिस्वा सरकार भी विधानसभा में विधेयक पेश करेगी।

वहां भी आदिवासी आबादी को कानून के दायरे से बाहर रखा जा सकता है। राजस्थान सरकार भी पिछले दिनों राज्य में यूसीसी विधेयक लाने की घोषणा कर चुकी है। इस संबंध में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा विधानसभा में बिल लाने के संकेत दे चुके हैं। गुजरात सरकार पहले ही यूसीसी बिल लाए जाने का एलान कर चुकी है।

सियासी जानकारों का मानना है कि उत्तराखंड में विधेयक पारित होने के बाद भाजपा शासित राज्य अपने यहां यूसीसी कानून बनाने की कवायद शुरू कर सकते हैं। भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, भाजपा शासित राज्य उत्तराखंड से पारित विधेयक की मदद भी ले सकते हैं।हमने समान नागरिक संहिता कानून के लिए विधेयक पास कर दिया है। यह शीघ्र ही कानून बनेगा। धीरे-धीरे सभी राज्य इसे अपनाएंगे और पूरे देश में समान नागरिक संहिता कानून लागू होगा।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

भाजपा दशकों से देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की वकालत कर रही है। हमारी पार्टी की सरकार ने यूसीसी बिल पारित कर दिया है। जल्द यह कानून बन जाएगा। हमें पूरी उम्मीद है कि भाजपा शासित राज्यों के अलावा देश के अन्य राज्य भी प्रेरित होंगे और समान नागरिक संहिता बनाएंगे। गुजरात, असम, राजस्थान की भाजपा सरकारों ने इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं।
-महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

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