संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश: गैर-ऋण प्राप्तियां और कुल व्यय का अनुमान क्रमश: 36.5 लाख करोड़ रुपये और 53.5 लाख करोड़ रुपये,
Delhi, 01 February 2026
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। वित्त मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में गुणात्मक वृद्धि हुई है जो वित्त वर्ष 2014-15 के 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर बीई 2025-26 में 11.2 लाख करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि इस गति को बनाए रखने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा।
संशोधित अनुमान 2025-26: गैर-ऋण प्राप्तियों का संशोधित अनुमान 34 लाख करोड़ रुपये है। जिनमें से केंद्र की निवल कर प्राप्तियां 26.7 लाख करोड़ रुपये है। कुल व्यय का संशोधित अनुमान 49.6 लाख करोड़ रुपये है जिनमें से पूंजीगत व्यय लगभग 11 लाख करोड़ रुपये है।बजट अनुमान 2026-27: वर्ष 2026-27 में गैर-ऋण प्राप्तियां और कुल व्यय का अनुमान क्रमश: 36.5 लाख करोड़ रुपये और 53.5 लाख करोड़ रुपये है। केंद्र की निवल कर प्राप्तियों का अनुमान 28.7 लाख करोड़ रुपये है। राजकोषीय घाटे के वित्तपोषण हेतु, दिनांकित प्रतिभूतियों से निवल बाजार उधारी का अनुमान 11.7 लाख करोड़ रुपये है। शेष वित्तपोषण छोटी बचतों और अन्य स्रोतों से आने की संभावना है। सकल बाजार उधारी का अनुमान 17.2 लाख करोड़ रुपये है।
वित्त मंत्री ने कहा कि, यह बजट 3 कर्तव्यों से प्रेरित है। पहला कर्तव्य है- उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाते हुए तथा उथल-पुथल भरी वैश्विक स्थिति के प्रति सहनीयता का निर्माण करके आर्थिक वृद्धि को तेज करना तथा इसे बनाए रखना । दूसरा कर्तव्य है- लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनके क्षमता का निर्माण करना; भारत की समृद्धि के मार्ग में उन्हें मजबूत भागीदार बनाना। तीसरा कर्तव्य सबका साथ-सबका विकास के विज़न से जुड़ा है। यह सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक परिवार, समुदाय, क्षेत्र के पास संसाधनों, सुविधाओं तथा सार्थक भागीदारी के लिए अवसरों तक पहुंच की सुविधा हो।
वित्त मंत्री ने कहा कि, युवा शक्ति संचालित बजट, जो गरीब, शोषित और वंचित समुदायों के प्रति सरकार के संकल्प पर जोर देता है। देश ‘विकसित भारत’ हासिल करने की दिशा में विश्वास से भरे कदम उठाता रहेगा, समावेश के साथ महत्वाकांक्षा का संतुलन करेगा। बढ़ते व्यापार और पूंजी की जरूरतों के साथ एक बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में भारत को वैश्विक बाजारों के साथ मजबूती से एकीकृत होना चाहिए, निर्यात में वृद्धि करनी चाहिए तथा लम्बी अवधि के स्थिर निवेश को आकर्षित करना चाहिए।उन्होंने उल्लेख किया कि देश बाहरी वातावरण का सामना कर रहा है, जिसमें व्यापार और बहु-पक्षवाद को नुकसान हुआ है तथा संसाधनों और आपूर्ति श्रृंखलाओं तक पहुंच में बाधाएं आई है। नई तकनीकें निर्माण प्रणालियों में बदलाव ला रही है, जबकि जल, ऊर्जा तथा महत्वपूर्ण खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि 2025 के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद, 350 से ज्यादा सुधारों की शुरूआत की गई है। इनमें जीएसटी सरलीकरण, श्रम संहिताओं की अधिसूचना, अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों का युक्तिकरण शामिल है। उच्च स्तरीय समितियां गठित की गई है और इसके साथ नियम समाप्त करने तथा अनिपालन जरूरतों को कम करने के लिए केन्द्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। युवा शक्ति संचालित बजट गरीब, शोषित व वंचित समुदायों पर विशेष ध्यान के सरकार के संकल्प पर जोर देता है।
बजट 2026 में सैलरीड और मिडिल क्लास के लिए टैक्स में कई बड़े बदलाव किए हैं। टीडीएस , टीसीएस और टैक्स स्लैब में बदलाव, रिवाइज्ड रिटर्न फाइलिंग की तारीखें और छोटे टैक्सपेयर्स के लिए आसान नियम बनाए गए हैं।
*टीडीएस , टीसीएस में बड़े बदलाव
इस बजट में टीडीएस , टीसीएस की दरों में कई सुधार किए गए हैं, जिससे आपकी सैलरी पर पॉजिटिव असर पड़ेगा। विदेश में पढ़ाई या मेडिकल खर्च पर पहले 5% टीसीएस लगता था, अब इसे घटाकर 2% कर दिया गया है। इसी तरह विदेशी टूर और पैकेज पर पहले 5% या 20% टीसीएस था, जो अब सिर्फ 2% रहेगा। छोटे टैक्सपेयर्स को अब रूल-बेस्ड कम या निल टीडीएस लेने का विकल्प मिलेगा और इसके लिए अधिकारी के पास आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। इसका मतलब यह है कि आपकी जेब से पहले जितना टैक्स कटता था, वह अब कम कटेगा और खर्च का बोझ थोड़ा हल्का होगा।
*रिवाइज्ड रिटर्न की नई तारीखें
बजट 2026 में रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न की आखिरी तारीख बढ़ा दी गई है। पहले यह 31 दिसंबर थी, लेकिन अब इसे 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है। इससे टैक्सपेयर्स को गलती सुधारने का पर्याप्त समय मिलेगा। इंडिविजुअल्स जो इनकम टैक्स रिटर्न 1 और इनकम टैक्स रिटर्न 2 भरते हैं, उनकी आखिरी तारीख अब 31 जुलाई होगी, जबकि नॉन-ऑडिट बिजनेस या ट्रस्ट केसेस के लिए यह 31 अगस्त है। यह कदम ग्लोबल टैक्स स्टैंडर्ड के अनुसार है और गलती सुधारने की सुविधा बढ़ाता है।
*टैक्स की गलती अब अपराध नहीं?
बजट 2026 में एक और राहत की खबर आई है। कुछ छोटे टैक्स मामलों में क्रिमिनल केस का डर खत्म किया गया है। अब कागजों की छोटी चूक, कुछ तकनीकी गलतियों पर जेल नहीं जाना पड़ेगा और ना ही केस होगा, बल्कि आसान प्रॉसेस अपनाया जाएगा। इससे ईमानदार टैक्सपेयर्स को डर नहीं रहेगा और बेवजह की परेशानी कम होगी
वर्ष 2026-2027 के केंद्रीय बजट की मुख्य बातें:
*सरकार ने 41 प्रतिशत हस्तांतरण के वर्टिकल शेयर को बनाए रखने के लिए 16वें वित्त आयोग की संस्तुतियों को स्वीकार किया
*केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत की ओर ‘सबका साथ सबका विकास’ के कर्तव्य की रूपरेखा प्रस्तुत करता है
*केंद्रीय बजट 2026-27 में सहकारिता क्षेत्र के लिए कई प्रोत्साहनों का प्रस्ताव
*वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उद्यमों के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपए की समर्पित एसएमई निधि का प्रस्ताव रखा है, इसका उद्देश्य चुनिंदा मानकों पर भविष्य में उत्कृष्ट उद्यमों का सृजन करना है
*केंद्रीय बजट 2026-27 में बॉयोफार्मा शक्ति (ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने हेतु रणनीति) का प्रस्ताव किया गया
*प्रत्यक्ष कर में सुधारों द्वारा जीवन जीने की सरलता : केंद्रीय बजट 2026-27
*केन्द्रीय बजट 2026-27 में प्रस्ताव रखा गया है कि भारत विस्तार-एक बहुभाषीय एआई टूल किसानों की खेती की उत्पादकता बढ़ाएगा, किसानों के निर्णय लेने की क्षमता में सुधार करेगा और परामर्श सहायता के माध्यम से जाखिम को कम करे…
*केन्द्रीय बजट 2026-27 में सात रणनीतिक और अग्रिम क्षेत्रों में विनिर्माण बढ़ाने पर जोर दिया गया है
*दिव्यांग कौशल योजना दिव्यांगजनों को आईटी, एवीजीसी और आतिथ्य क्षेत्रों में अनुकूल विशिष्ट प्रशिक्षण प्रदान करेगी
*केंद्रीय बजट 2026-27 में सतत आर्थिक विकास, क्षमता के विकास और ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर जोर
*देश में चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केन्द्रों की स्थापना हेतु राज्यों की सहायता के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 में एक योजना प्रस्तावित
*सीमा शुल्क तथा केंद्रीय उत्पाद शुल्क के लिए बजट प्रस्तावों का उद्देश्य प्रशुल्क संरचना को और सरल करना, घरेलू विनिर्माण को समर्थन देना है: केंद्रीय वित्त मंत्री
*सभी सीमा-शुल्क प्रक्रियाओं के लिए एकल, एकीकृत और मापनीय प्लेटफॉर्म के रूप में सीमा शुल्क एकीकृत प्रणाली दो वर्ष में शुरू की जाएगी
*भारत का सकल घरेलू उत्पाद 8 प्रतिशत वृद्धि के साथ वित्त वर्ष-2025-26 में 7.4 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान
*केंद्रीय बजट 2026-27 में प्रत्यक्ष कर प्रस्तावों में दंड और अभियोजन को युक्तिसंगत बनाने की घोषणा
*वित्त वर्ष 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपये के सार्वजनिक कैपेक्स प्रस्तावित
*केन्द्रीय बजट 2026-27 ने सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने के उपायों की सिफारिश हेतु एक उच्चाधिकार प्राप्त रोजगार और उद्यम एवं स्थायी समिति के गठन का प्रस्ताव किया
*केन्द्रीय बजट 2026-27 में भारत के अगले चरण की विकास जरूरतों के अनुरूप इस क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करने के लिए विकसित भारत के बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव है
*आयकर अधिनियम-2025, 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा
*केंद्रीय बजट 2026-27 ने विनिर्माण, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए खेलों से संबंधित एक समर्पित पहल का प्रस्ताव किया
*भारत 2030-31 तक 50±1 प्रतिशत के ऋण-से-जीडीपी अनुपात तक पहुंचने के लक्ष्य की राह पर
*भारत वर्ष 2030-31 तक 50 (+1)/50(-1) प्रतिशत के ऋण – से- जीडीपी अनुपात तक पहुंचने के लक्ष्य के मार्ग पर
*निजी उपयोग के लिए आयातित सभी शुल्क योग्य वस्तुओं पर प्रशुल्क दर को 20 प्रतिशत से 10 प्रतिशत किया गया
*अनुमानित आधार पर कर का भुगतान करने वाले सभी अप्रवासियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर से छूट
