भाजपा में ज्वाइनिंग पर बवाल, 60 कार्यकर्ता बिना शामिल हुए लौटे
उत्तराखंड भाजपा में अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आती नजर आई। जौनसार-बावर क्षेत्र के 26 परिवारों से जुड़े करीब 60 कार्यकर्ता कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के लिए देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचे थे। ज्वाइनिंग को लेकर कार्यालय में तैयारियां भी पूरी थीं। कार्यकर्ताओं के स्वागत के लिए भगवा पटके और मिठाई तक तैयार रखी गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर समाज कल्याण मंत्री खजान दास के पहुंचने के बाद पूरी प्रक्रिया रोक दी गई।
बताया जा रहा है कि रविवार को इन्हीं कार्यकर्ताओं की ओर से मंत्री के सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने एससीएसपी और टीएसपी योजनाओं में कथित तौर पर 20 फीसदी कमीशन लिए जाने के आरोप लगाए थे। इसी घटनाक्रम के बाद मंगलवार को भाजपा में उनकी प्रस्तावित ज्वाइनिंग रोक दिए जाने को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
ज्वाइनिंग रुकने के बाद भाजपा मुख्यालय में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने पहुंचे करीब 60 कार्यकर्ताओं को बिना सदस्यता लिए ही वापस लौटना पड़ा। पूरे घटनाक्रम ने भाजपा के भीतर संगठन और सरकार के बीच समन्वय को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में दो प्रमुख सवाल चर्चा में हैं। पहला, क्या भाजपा में किसी नेता या कार्यकर्ता की ज्वाइनिंग संगठन की सहमति के साथ ही होगी या इसमें संबंधित मंत्री की भूमिका भी निर्णायक होगी? दूसरा, क्या रविवार को मंत्री के खिलाफ लगाए गए कमीशनखोरी के आरोपों और मंगलवार को ज्वाइनिंग रोके जाने के बीच कोई संबंध है?
हालांकि, ज्वाइनिंग रोकने के पीछे कमीशनखोरी के आरोपों को वजह बताए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भाजपा संगठन की ओर से अलग पक्ष सामने आया है। संगठन का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष की गैरमौजूदगी में ज्वाइनिंग नहीं हो सकती थी। साथ ही किसी भी व्यक्ति या समूह को पार्टी में शामिल करने से पहले संगठन स्तर पर आवश्यक चर्चा और प्रक्रिया पूरी की जाती है, जो इस मामले में नहीं हुई थी।
वहीं, जब इस पूरे मामले को लेकर समाज कल्याण मंत्री खजान दास से मीडिया ने सवाल किया तो उन्होंने खुद को “सस्ता और छोटा आदमी” बताते हुए मामले से किनारा किया। मंत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद भी ज्वाइनिंग रुकने को लेकर सवालों का सिलसिला थमा नहीं है।
अब देखना होगा कि जौनसार-बावर के इन कार्यकर्ताओं की भाजपा में ज्वाइनिंग दोबारा कब और किस स्तर पर होती है। फिलहाल, इस घटनाक्रम ने उत्तराखंड भाजपा के भीतर संगठनात्मक समन्वय और नेताओं के बीच तालमेल को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।
मधु चौहान, पूर्व पंचायत सदस्य
खजान दास, कैबिनेट मंत्री
कुंदन परिहार, प्रदेश महामंत्री, भाजपा।
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