विकासनगर में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक के प्रतीक्षा कक्ष का उद्घाटन, पूर्व सैनिकों को मिलेगी राहत
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को विकासनगर स्थित ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक के नवनिर्मित प्रतीक्षा कक्ष का उद्घाटन किया। इस सुविधा के शुरू होने से पछवादून और विकासनगर क्षेत्र के भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों, उनके परिजनों और अन्य लाभार्थियों को राहत मिलेगी। प्रतीक्षा कक्ष में बैठने की बेहतर व्यवस्था होने से लाभार्थियों को धूप, ठंड और बरसात जैसी प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने विकासनगर में सैनिक विश्राम गृह बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विकासनगर प्रमुख जंक्शन है, जहां आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों का आवागमन होता है। ऐसे में सैनिक विश्राम गृह बनने से भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिजनों को ठहरने की सुविधा मिलेगी।
मंत्री ने अधिकारियों को हरबर्टपुर स्थित जिला सैनिक कल्याण कार्यालय को ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक विकासनगर में शिफ्ट करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि दोनों सुविधाएं एक ही परिसर में होने से पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सेवाओं तथा सैनिक कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए अलग-अलग स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा। इससे उनका समय बचेगा और उन्हें एक ही स्थान पर आवश्यक सुविधाएं मिल सकेंगी।
2012 में किराए के भवन से शुरू हुई थी सुविधा
गणेश जोशी ने कहा कि वर्ष 2012 में विकासनगर में ईसीएचएस कैंटीन और पॉलीक्लिनिक की शुरुआत किराए के भवन से हुई थी। सीमित संसाधनों के कारण उस समय पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2024 में ईसीएचएस कैंटीन और पॉलीक्लिनिक को विशाल रक्षा भूमि पर स्थापित कर विधिवत संचालित किया गया।
उन्होंने कहा कि इस सुविधा से क्षेत्र के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए देहरादून जाने की परेशानी से काफी हद तक राहत मिली है। पछवादून और विकासनगर क्षेत्र में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और उनके परिवार रहते हैं। विशेषकर बुजुर्ग सैनिकों, उनकी पत्नियों और आश्रितों के लिए घर के नजदीक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होना बेहद महत्वपूर्ण है।
सैनिकों और उनके परिवारों का कल्याण प्राथमिकता
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि नवनिर्मित प्रतीक्षा कक्ष केवल बैठने की सुविधा नहीं, बल्कि देश की रक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले बुजुर्ग पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को अपनी बारी का इंतजार करते समय मौसम की कठिनाइयों से राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सैनिकों का सम्मान करना, उनके परिवारों की देखभाल करना और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रतीक्षा कक्ष क्षेत्र के लाभार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगा और सैनिक कल्याण की दिशा में एक और सार्थक कदम बनेगा।
