August 22, 2026

रक्षाबंधन से पहले देहरादून की ग्रामीण महिलाओं ने संवारा राखी कारोबार, सास-बहू की जोड़ी बनी मिसाल

business

रक्षाबंधन के त्योहार से पहले देहरादून में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं हैंडमेड राखियों के कारोबार के जरिए आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सहयोग से रायपुर, सहसपुर और डोईवाला क्षेत्र की महिलाएं राखी निर्माण को स्वरोजगार का जरिया बनाकर अपनी आय बढ़ा रही हैं।

रायपुर के मालदेवता क्षेत्र की सास-बहू लीला रावत और अलका रावत की जोड़ी इन दिनों खास चर्चा में है। आशा किरण स्वयं सहायता समूह से जुड़ी दोनों महिलाओं ने इस वर्ष 2,000 से अधिक राखियां तैयार करने का लक्ष्य रखा है, जिनमें से करीब 1,500 राखियां तैयार हो चुकी हैं। पिछले वर्ष दोनों ने करीब 1,200 राखियां बेचकर 25 हजार रुपये का मुनाफा कमाया था।

प्राइवेट नौकरी छोड़ शुरू किया राखी कारोबार

अलका रावत ने प्राइवेट नौकरी छोड़कर अपनी सास के साथ राखी निर्माण का काम शुरू किया। दोनों ने मिलकर ‘विनी वंडर्स क्रिएशन’ नाम से दुकान भी शुरू की है। अब उनके उत्पादों की मांग स्थानीय बाजार के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी बढ़ रही है। उन्हें इंस्टाग्राम के जरिए ऑनलाइन ऑर्डर भी मिल रहे हैं।

महिलाएं ऊन, क्रोशिया, रुद्राक्ष और नजरबट्टू जैसी सामग्री से पारंपरिक राखियों के साथ ही आधुनिक डिजाइन की राखियां भी तैयार कर रही हैं। इससे ग्राहकों को अलग-अलग पसंद और बजट के अनुसार विकल्प मिल रहे हैं।

अलका रावत

लाभार्थी: लीला रावत

करीब 100 महिलाएं कारोबार से जुड़ीं

सहसपुर और डोईवाला क्षेत्र की करीब 100 महिलाएं भी राखी निर्माण और बिक्री के इस कारोबार से जुड़ी हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं घर से ही रोजगार का अवसर प्राप्त कर रही हैं और त्योहार के सीजन को आय बढ़ाने के अवसर के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि महिलाओं के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए देहरादून के प्रमुख मॉलों में स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके अलावा 24 से 27 अगस्त तक सचिवालय में पांच स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं राखियों के साथ-साथ अन्य स्थानीय उत्पाद भी बिक्री के लिए उपलब्ध कराएंगी।

सरकारी सहयोग और बाजार की उपलब्धता से ग्रामीण महिलाओं के इन छोटे कारोबारों को नई पहचान मिल रही है। रक्षाबंधन का यह सीजन उनके लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर बनकर सामने आया है।

अभिनव शाह, मुख्य विकास अधिकारी

अनीता पंवार, निदेशक, सहायक परियोजना

 

Share
Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.