टिहरी में गौशाला पर सवाल: गौवंश की मौत और दुर्व्यवस्था पर ग्रामीणों का आक्रोश
टिहरी जिले के देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के कीर्तिनगर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा पेंडुला के अमरोली गांव में संचालित एक गौशाला में गौवंश की दुर्दशा का मामला सामने आया है। गौशाला में अव्यवस्थित रख-रखाव के चलते कई गायों की मौत होने की सूचना है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि यह गौशाला वर्ष 2025 से संचालित हो रही है, जहां वर्तमान में 50 से अधिक गायें मौजूद हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गौशाला में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और चराई की व्यवस्था नहीं है, जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ रही है। कई गायों के शरीर पर चोट के निशान भी देखे गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला के कारण आसपास की खेती को भी भारी नुकसान पहुंचा है। पशु खेतों में घुसकर फलदार और छायादार पेड़ों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं।
ग्राम निवासी इशा लखेड़ा ने आरोप लगाया कि गौसेवा के नाम पर गौवंश के साथ अत्याचार हो रहा है और उचित देखभाल के अभाव में उनकी मौत हो रही है। साथ ही मृत पशुओं के सड़ने से क्षेत्र में दुर्गंध और वायु प्रदूषण फैल रहा है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं।
मामला अब पुलिस चौकी दुगड़ा तक पहुंच गया है, जहां ग्रामीणों ने गौवंश को लेकर पहुंचकर गौशाला संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, गौशाला संचालक कुसुमलता ममगाईं ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि शिकायतकर्ता स्वयं सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए हैं और उनका ग्रामीणों के साथ विवाद चलता रहता है। उन्होंने बताया कि गौशाला में पांच गौसेवक कार्यरत हैं और पशुओं की देखभाल की जा रही है।
फिलहाल, प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।
आषीश ममगाई गो सेवा कर्मचारी
इशा लखेडा, ग्रामीण शिकायकर्ता।
मनोज कुमार लखेड़ा, स्थानीय जनप्रतिनिधि
ग्रामीण