उत्तराखंड में बढ़ी ईंधन मांग, ओएमसी ने निर्बाध आपूर्ति का दिया भरोसा
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां — Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited — उत्तराखंड में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार परिचालन और लॉजिस्टिक्स समन्वय बनाए हुए हैं। राज्य के कई क्षेत्रों में ईंधन की मांग में अचानक और तेज वृद्धि के बावजूद आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
आईओसीएल उत्तराखंड के राज्य स्तरीय समन्वयक Krishna Kumar Gupta ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल 2026 में रुद्रप्रयाग जनपद में डीजल (एचएसडी) की बिक्री में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं चमोली और उत्तरकाशी जिलों में डीजल की मांग में 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। उन्होंने कहा कि आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की मांग तेजी से बढ़ी है, जबकि तेल विपणन कंपनियों द्वारा आपूर्ति भी लगातार सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में कई राज्यों में मौसमी कृषि गतिविधियों और फसल कटाई कार्यों के चलते पेट्रोलियम उत्पादों की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके अलावा, अन्य आपूर्तिकर्ताओं की तुलना में कम कीमत होने के कारण खुदरा उपभोक्ता सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों की ओर अधिक रुख कर रहे हैं। संस्थागत और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं द्वारा भी खुदरा ईंधन आउटलेट्स का अधिक उपयोग किए जाने से मांग पर अतिरिक्त दबाव बना है।
कृष्ण कुमार गुप्ता के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र की ओएमसी अपने टर्मिनलों, डिपो, पाइपलाइनों, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट्स और खुदरा आउटलेट्स के व्यापक नेटवर्क के जरिए निर्बाध आपूर्ति बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि आपूर्ति दल, परिवहन नेटवर्क, टर्मिनल संचालन इकाइयां और चुनिंदा खुदरा आउटलेट्स 24 घंटे कार्य कर रहे हैं ताकि ईंधन की समय पर उपलब्धता और पुनःपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि तेल विपणन कंपनियां राज्य प्रशासन के साथ भी लगातार समन्वय बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी क्षेत्र में ईंधन संकट की स्थिति उत्पन्न न हो। तेल उद्योग ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
ओएमसी लगातार स्टॉक की स्थिति की समीक्षा कर रही हैं और बढ़ी हुई मांग को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए लॉजिस्टिक्स एवं वितरण योजनाओं पर विशेष निगरानी रख रही हैं। कंपनियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे सामान्य खरीदारी जारी रखें और अनावश्यक घबराहट में ईंधन की अतिरिक्त खरीद से बचें। साथ ही उपभोक्ताओं से केवल अधिकृत एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने का आग्रह किया गया है।
