18 सूत्रीय मांगों पर राज्य कर्मचारी परिषद और शासन के बीच अहम बैठक
राज्य संयुक्त कर्मचारी परिषद, उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष Arun Pandey एवं प्रदेश महामंत्री Shakti Prasad Bhatt के नेतृत्व में बुधवार को मुख्य सचिव सभागार, उत्तराखंड शासन में राज्य कर्मचारियों की 18 सूत्रीय मांगों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव Anand Vardhan ने की।
बैठक में परिषद की ओर से गन्ना पर्यवेक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश डबराल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष सुनील देवली, परिषद के कोषाध्यक्ष रविन्द्र चौहान, उत्तराखंड राज्य कर मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के सचिव पिंकेश रावत, परिषद के प्रदेश प्रवक्ता हर्ष जोशी तथा अर्थ एवं संख्या विभाग के उपाध्यक्ष संदीप पांडे समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
वहीं शासन की ओर से मुख्य सचिव आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव कार्मिक एवं सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली, सचिव वित्त वी. षणमुगम, अपर सचिव विनीत कुमार, गिरधारी सिंह एवं गंगा प्रसाद ने बैठक में भाग लिया।
बैठक के दौरान परिषद पदाधिकारियों ने कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा। प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे ने विशेष रूप से बिंदु संख्या 10, 16 एवं 26 पर कर्मचारियों का पक्ष मजबूती से रखा। इस दौरान बताया गया कि संबंधित विभागों से मांगी गई सूचनाएं अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इस पर मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों की अलग बैठक शीघ्र आयोजित कर अग्रिम कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक में गोल्डन कार्ड योजना के अंतर्गत कर्मचारियों और पेंशनरों को अस्पतालों में उपचार एवं ओपीडी सुविधा नहीं मिलने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। शासन स्तर से आश्वासन दिया गया कि परिषद पदाधिकारियों, अस्पताल प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के साथ एक सप्ताह के भीतर स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसके बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विस्तृत बैठक कर समाधान निकाला जाएगा।
इसके अलावा परिषद ने वेतन विसंगति समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, पदोन्नति में प्रोबेशन अवधि समाप्त करने, वाहन भत्ता ₹1200 से बढ़ाकर ₹2500 करने तथा यूपीएस को ओपीएस की तर्ज पर अधिक सरल और कर्मचारी हितैषी बनाने की मांग रखी। वाहन भत्ते के मुद्दे पर मुख्य सचिव ने बताया कि इसका प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में भेजा जा रहा है।
परिषद ने पेंशनर्स के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का भुगतान ट्रेजरी के माध्यम से कराने, केंद्र सरकार के समान एचआरए देने, ₹4800 ग्रेड पे तक के कर्मचारियों को अतिरिक्त राहत देने तथा सीआर प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग भी उठाई।
सचिव वित्त वी. षणमुगम ने हेल्थ बिल भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाने का आश्वासन दिया, जबकि सचिव कार्मिक शैलेश बगोली ने पदोन्नति एवं सीआर संबंधी विषयों पर सभी विभागाध्यक्षों को आवश्यक निर्देश जारी करने की बात कही। बैठक में कार्मिक विभाग द्वारा जारी सीआर कैलेंडर की समीक्षा और परीक्षण पर भी चर्चा हुई।
बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक विचार-विमर्श किया गया।
