June 13, 2026

बीआरपी-सीआरपी कर्मियों को लूट रहीं एजेंसियां: जन संघर्ष मोर्चा

जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने प्रदेश में समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत बीआरपी-सीआरपी कर्मचारियों के शोषण का आरोप लगाते हुए सरकार और शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

पत्रकारों से वार्ता करते हुए जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह  नेगी ने कहा कि प्रदेशभर में लगभग 950 बीआरपी-सीआरपी कार्मिक निजी आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें निर्धारित वेतन के मुकाबले कितना भुगतान किया जा रहा है और किस मद में कितनी कटौती हो रही है, इसकी जानकारी तक विभागीय मंत्री को नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग एजेंसियां कर्मचारियों का आर्थिक शोषण कर रही हैं और सरकार इस पर आंखें मूंदे बैठी है।

नेगी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों और निगमों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को पे-स्लिप तक उपलब्ध नहीं कराई जाती, जिससे उन्हें अपने वेतन और कटौतियों की वास्तविक जानकारी नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को यह भी पता नहीं होता कि सरकार द्वारा उनके लिए कितना वेतन स्वीकृत किया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसियों द्वारा ईपीएफ और कमीशन के नाम पर कटौती की जा रही है, लेकिन अधिकांश कर्मचारियों को यह जानकारी नहीं है कि उनका ईपीएफ जमा हो रहा है या नहीं। यहां तक कि कई कर्मचारियों को अपना ईपीएफ नंबर भी ज्ञात नहीं है।

जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित वेतन में से भारी कटौती कर कर्मचारियों को कम भुगतान किया जा रहा है, जबकि संबंधित विभाग और मंत्री इस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू करने और एजेंसियों की कार्यप्रणाली की जांच कराने की मांग की।

नेगी ने कहा कि यदि कर्मचारियों के शोषण पर जल्द रोक नहीं लगाई गई तो जन संघर्ष मोर्चा इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएगा और आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.