बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा जी का 91वां जन्मदिवस: विश्वभर में प्रार्थना सभाएं, शांति और करुणा का दिया संदेश
धर्मशाला/नई दिल्ली। तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने रविवार को अपना 91वां जन्मदिवस मनाया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित मैक्लोडगंज में विशेष प्रार्थना सभाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। भारत सहित दुनिया के कई देशों में तिब्बती समुदाय और उनके अनुयायियों ने उनके दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
अपने जन्मदिवस के अवसर पर दलाई लामा ने लोगों से प्रेम, करुणा, अहिंसा और आपसी भाईचारे के मूल्यों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विश्व में शांति स्थापित करने का सबसे प्रभावी मार्ग मानवता, सहिष्णुता और परस्पर सम्मान है।
इस अवसर पर कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय नेताओं, धार्मिक हस्तियों और गणमान्य व्यक्तियों ने दलाई लामा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और विश्व शांति, मानवाधिकार तथा आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति उनके योगदान की सराहना की।
दलाई लामा पिछले कई दशकों से भारत में निवास कर रहे हैं और उन्हें विश्वभर में शांति, करुणा तथा अहिंसा के प्रतीक के रूप में सम्मान दिया जाता है। वर्ष 1989 में उन्हें विश्व शांति और मानवाधिकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
