सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर दून पुलिस की कार्रवाई, बोले शादाब शम्स—’कानून सबके लिए समान हो’
देहरादून में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में दून पुलिस ने बिना अनुमति और निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित हो रहे मस्जिदों के लाउडस्पीकरों के खिलाफ अभियान चलाया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कई मुस्लिम संगठनों ने विरोध दर्ज कराया और इसे लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
इसी बीच उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने पूरे मामले पर संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कानून का समान रूप से पालन कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी ध्वनि प्रदूषण हो रहा है तो उसे ईमानदारी से कम कराया जाना चाहिए, लेकिन किसी एक समाज को निशाना बनाना उचित नहीं है। उनका कहना था कि कानून का निष्पक्ष और समान रूप से पालन होगा तो किसी भी पक्ष को आपत्ति नहीं होगी।
शादाब शम्स ने कहा कि किसी को भी अपनी इबादत या धार्मिक गतिविधि के नाम पर दूसरों को परेशान करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर लगे माइक की आवाज निर्धारित सीमा में रखने की अपील करते हुए कहा कि ध्वनि प्रदूषण से सभी को बचना चाहिए।
उन्होंने विकसित देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों में मस्जिदों के भीतर सामान्य ध्वनि स्तर पर अजान दी जाती है, जबकि घरों तक संदेश पहुंचाने के लिए अलग तकनीकी व्यवस्था और फ्रीक्वेंसी का उपयोग किया जाता है।
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से अपील की कि कार्रवाई के दौरान किसी भी व्यक्ति या समुदाय के साथ धर्म के आधार पर भेदभाव या ज्यादती न हो। साथ ही उन्होंने आम लोगों से अफवाहों से बचने, कानून का सम्मान करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
शादाब शम्स, अध्यक्ष, वक़्फ़ बोर्ड उत्तराखंड।
