प्रधानमंत्री आवास के बाहर पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव सहित अनेक विपक्षी नेताओं को किया गिरफ्तार,
कांग्रेस राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव सहित अनेक विपक्षी नेताओं को पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने के दौरान गिरफ्तार किया। गिरफ्तार नेताओं को पुलिस ने दिल्ली केअलग-अलग थानों में बंद कर दिया।
राजधानी दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध और नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। बाद में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए। के न्द जितेंद्र सिंह गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे। कांग्रेस ने चेकावनी दी है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वो पूरी रात पीएम आवास के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे।
नेताओं को हिरासत में ले लिया। प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने, राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम और अन्य नेताओं को किंग्सवे कैंप ले जाया गया।
प्रियंका गांधी को हिरासत में लेकर मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया। इसकी जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी उनसे मिलने थाने पहुंचीं, लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें थाने के अंदर जाने दिया गया। वे थाने के बाहर बहुत देर तक खड़ी रही। सोनिया गांधी के पहुंचने के बाद थाने के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ बढ़ गई। पार्टी नेताओं ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया और कहा कि छात्रों के मुद्दे पर उठ रही आवाज को बलपूर्वक नहीं रोका जा सकता।
पुलिस ने धरनास्थल से कांग्रेस के कई सांसदों को भी हटाकर बसों में बैठाया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर बस में बैठाया। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को भी पुलिस ने मौके से हिरासत में लिया। प्रदर्शन में शामिल नेताओं का कहना है कि वे छात्र नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार विरोध की आवाज दबाने में जुटी है।
वहीं नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोज जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन जारी है। वहीं अब इस प्रदर्शन में कांग्रेस समेत विपक्षी दल भी शामिल हो गए हैं। प्रदर्शन कर रहे नेता शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा सवाल है।
