June 23, 2026

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने असम के हाथीकुली चाय बागान का किया भ्रमण

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने असम दौरे के दौरान हाथीकुली चाय बागान का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने चाय बागानों में कार्यरत महिला श्रमिकों से संवाद किया और स्वयं ताज़ी चाय की पत्तियां तोड़कर पारंपरिक टोकरियों में एकत्रित कीं। मंत्री ने श्रमिकों के परिश्रम और चाय उद्योग से जुड़े परिवारों के योगदान की सराहना करते हुए असमिया चाय को “राज्य की आत्मा” बताया।

कृषि मंत्री ने कहा कि असम की चाय उद्योग से जुड़ी परंपराएं, उत्पादन प्रणाली और श्रमिकों का समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि चाय उत्पादन में असम का अनुभव अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी मॉडल प्रस्तुत करता है।

भ्रमण के दौरान मंत्री ने हाथीकुली स्थित चाय फैक्ट्री का निरीक्षण भी किया। उन्होंने फैक्ट्री की उत्पादन क्षमता, प्रसंस्करण व्यवस्था और विपणन प्रणाली की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। आधुनिक तकनीकों और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं का अवलोकन करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में भी चाय उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए असम की पद्धतियों और अनुभवों का अध्ययन कर उन्हें लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि वर्तमान में उत्तराखण्ड में 1592 हेक्टेयर क्षेत्रफल में चाय बागानों का विकास एवं रखरखाव किया जा रहा है। राज्य में लगभग 7 लाख किलोग्राम हरी चाय पत्तियों का उत्पादन होता है, जिससे 1.44 लाख किलोग्राम प्रसंस्कृत चाय का उत्पादन एवं विपणन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाय उत्पादन के साथ-साथ टी-टूरिज्म को भी बढ़ावा दे रही है। इसके तहत घोड़ाखाल, चम्पावत और कौसानी में टी-टूरिज्म योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि चाय बोर्ड के अंतर्गत राज्य में वर्तमान में पांच चाय फैक्ट्रियां संचालित हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने और उत्तराखण्ड की चाय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

Share
Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.