June 24, 2026

हल्‍द्वानी में 512 भवनों पर चलेगा बुलडोजर, प्रशासन ने भेजे घर-दुकान तोड़ने के नोटिस

हल्द्वानी में प्रशासन द्वारा 512 लोगों को अतिक्रमण के नोटिस जारी किए जाने पर विधायक सुमित हृदयेश ने नाराज़गी जताई। देवखड़ी और रकसिया नाले के किनारे बने घरों और दुकानों को तोड़ने के आदेश दिए गए हैं। विधायक ने इसे अमानवीय बताते हुए प्रभावितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और प्रशासनिक अधिकारियों से नोटिस रद्द करने की मांग की।

प्रशासन की ओर से देवखड़ी और रकसिया नाले के सर्वे के बाद 512 लोगों के निर्माण को अतिक्रमण बताते हुए 15 दिन में तोड़ने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। आवास-विकास और सुभाषनगर क्षेत्र का हिस्सा भी इसमें आ रहा है।

शनिवार को विधायक सुमित हृदयेश प्रभावितों लोगों से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान विधायक ने कहा कि इस तरह के नोटिस अमानवीय और प्रशासिनक असंवेदनशीलता के प्रतीक है। पता नहीं क्यों दमुवाढूंगा से लेकर आवास विकास तक हल्द्वानी के लोगों को टारगेट बनाकर परेशान किया जा रहा है। प्रशासन ने देवखड़ी नाले के सर्वे के बाद 206 और और रकसिया नाले को लेकर 306 लोगों को नोटिस जारी किया है।

कहीं घर तो कहीं कहीं दुकान के हिस्से को अतिक्रमण क्षेत्र बताया गया। इसमें आवास-विकास और सुभाषनगर क्षेत्र के 140 घर भी शामिल हैं। वहीं, आवास-विकास और सुभाषनगर पहुंचे विधायक ने कहा कि देवखड़ी नाले के पानी को टेढ़ी पुलिया के पास नहर में डायवर्ट कर बरेली रोड पर छोड़ दिया गया है। इसके बाद लोगों ने कौन सी जमीन कब्जा ली।

सुमित ने लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि 50 साल से भी अधिक समय से रहने वाले लोगों को किसी हाल में बेघर नहीं होने दिया जाएगा। विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर नोटिसों को जल्द से जल्द निरस्त करने को भी कहा। इस दौरान गोपाल भट्ट, गुरप्रीत प्रिंस, हर्षित भट्ट, सुरेश किरौला, धीरज जोशी, तरुण सुयाल, जगमोहन सिंह, प्रकाश कन्याल, कमल कालाकोटी, हेमा जोशी, तारा जोशी, प्रेमा रावत आदि मौजूद थे

कहीं घर तो कहीं कहीं दुकान के हिस्से को अतिक्रमण क्षेत्र बताया गया। इसमें आवास-विकास और सुभाषनगर क्षेत्र के 140 घर भी शामिल हैं। वहीं, आवास-विकास और सुभाषनगर पहुंचे विधायक ने कहा कि देवखड़ी नाले के पानी को टेढ़ी पुलिया के पास नहर में डायवर्ट कर बरेली रोड पर छोड़ दिया गया है। इसके बाद लोगों ने कौन सी जमीन कब्जा ली।

सुमित ने लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि 50 साल से भी अधिक समय से रहने वाले लोगों को किसी हाल में बेघर नहीं होने दिया जाएगा। विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर नोटिसों को जल्द से जल्द निरस्त करने को भी कहा। इस दौरान गोपाल भट्ट, गुरप्रीत प्रिंस, हर्षित भट्ट, सुरेश किरौला, धीरज जोशी, तरुण सुयाल, जगमोहन सिंह, प्रकाश कन्याल, कमल कालाकोटी, हेमा जोशी, तारा जोशी, प्रेमा रावत आदि मौजूद थे।

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