August 8, 2026

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ सेवानिवृत्त: संविधान के मूल्य और सिद्धांतों के प्रति कटिबद्धता के लिए सदैव याद किये जाएंगे।।

दिल्ली , मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने शुक्रवार को अपने दो साल के कार्यकाल का समापन किया। आज रविवार को वे सेवानिवृत्त हो जाएंगे। डीवाई चंद्रचूड़ ने नवंबर 2022 में भारत के मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार संभाला था। उनके स्थान पर अब न्यायमूर्ति संजीव खन्ना मुख्य न्यायाधीश होंगे।

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने मुख्य न्यायाधीश के पद पर आसीन रहते न्यायपालिका के गौरव को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण और एतिहासिक फैसले दिए। उनके निर्णयों में भारतीय संविधान के मूल्य और सिद्धांतों के प्रति कटिबद्धता रही और उन्होंने हमेशा न्याय की पक्षधरता में कदम बढ़ाए, उनके निर्णयों ने न केवल भारतीय न्यायपालिका को सशक्त किया, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित किया। राजनीति से प्रेरित वादों पर भी उन्होंने निष्पक्ष रहकर निडरता से फैसले दिए। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को संविधान के मूल्य और सिद्धांतों के प्रति कटिबद्धता के लिए सदैव याद किये जाएंगे।।

*मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के महत्वपूर्ण फैसले:

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक दर्जा देने के मुद्दे पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। यह उनके कार्यकाल के संवेदनशील और महत्वपूर्ण फैसलों में से एक था।

* इलेक्टोरल बॉन्ड्स:

मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 2018 में लागू किए गए इलेक्टोरल बॉन्ड्स योजना को असंवैधानिक करार दिया। न्यायालय ने इसे राजनीतिक पार्टियों और दाताओं के बीच पक्षपाती सौदे की संभावना बताया और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को चुनावी बॉन्ड्स जारी करने से रोकने का आदेश दिया।

* प्राइवेट संपत्ति पर निर्णय

मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में एक नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने यह निर्णय लिया कि सभी निजी संपत्तियाँ राज्य द्वारा समुदाय के भले के लिए नहीं ली जा सकतीं। यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 31C से संबंधित था, जो राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों को लागू करने वाले कानूनों की रक्षा करता है।

* आर्टिकल 370 को निरस्त

मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में संविधान पीठ ने जम्मू और कश्मीर में आर्टिकल 370 को निरस्त करने के निर्णय को बरकरार रखा। न्यायालय ने इसे अस्थायी प्रावधान बताते हुए कहा कि यह जम्मू और कश्मीर के भारत में विलय को सरल बनाने के लिए था। साथ ही राज्य को विशेष दर्जा देने का निर्णय हटाए जाने के बाद, जम्मू और कश्मीर को राज्य का दर्जा शीघ्र दिए जाने का आदेश भी दिया गया।

* समलैंगिक विवाह

मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय पीठ ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से इनकार किया। अदालत ने इसे संसद के विवेक पर छोड़ दिया, हालांकि सरकार को समलैंगिक जोड़ों के लिए सेवाओं तक पहुँच में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए एक समिति गठित करने का आदेश दिया।

*असम समझौते और नागरिकता पर निर्णय

मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में एक संविधान पीठ ने असम समझौते के तहत 1971 से पहले बांग्लादेश से आए शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने के प्रावधान को सही ठहराया।

जेलों में जातिवाद

*मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ के नेतृत्व में न्यायालय ने जेलों में जातिवाद पर प्रतिबंध लगा दिया. उन्होंने कहा कि अपराधियों का अधिकार है कि उन्हें सम्मानजनक तरीके से रखा जाए, और जेल मैन्युअल में सुधार करने का आदेश दिया.

*उत्तर प्रदेश मदरसा कानून

मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में मदरसों के संचालन को नियंत्रित करने वाले 2004 के कानून को वैध ठहराया. अदालत ने कहा कि यह कानून राज्य के अधिकार क्षेत्र में आता है और इसे संविधान के विपरीत नहीं माना जा सकता।

*एनइइटी-यूजी परीक्षा पेपर लीक

मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में सर्वोच्च न्यायालय ने एनइइटी-यूजी परीक्षा के 2024 के लिए पुनः परीक्षा की मांग को अस्वीकार कर दिया, यह कहते हुए कि पेपर लीक की घटना व्यापक नहीं थी और परीक्षा की सत्यता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

*सांसदों और विधायकों के विशेषाधिकार पर निर्णय

मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में एक संविधान पीठ ने निर्णय दिया कि सांसद या विधायक किसी भी भ्रष्टाचार के आरोप में विशेषाधिकार का दावा नहीं कर सकते। इस निर्णय को लोकतंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।

*बाल विवाह पर निर्णय

मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में न्यायालय ने सामाजिक कुप्रथा बाल विवाह को बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन करार दिया और इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने के निर्देश दिए।

Chief Justice DY Chandrachud retired: Will always be remembered for his commitment to the values and principles of the Constitution.

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ सेवानिवृत्त: संविधान के मूल्य और सिद्धांतों के प्रति कटिबद्धता के लिए सदैव याद किये जाएंगे।।

 

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