राम मंदिर दान चढ़ावा गबन मामले में एसआईटी 25 सितंबर तक संबंधित कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी।
Delhi 22 September 2026,
अयोध्या राम मंदिर दान चढ़ावा गबन मामले में स्वतंत्र जांच की मांग वाली 4 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि मामले की स्टेटस रिपोर्ट जमा कर दी गई है। पुलिस द्वारा अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है। क्या-क्या साक्ष्य मिले हैं? उपलब्ध साक्ष्यों को कोर्ट के सामने पेश भी किया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट को गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अब तक मिले सबूतों की जानकारी दी गई। कोर्ट को यह भी बताया गया कि ,विशेष जांच दल ‘एसआईटी 25 सितंबर तक या उससे पहले संबंधित कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि स्टेटस रिपोर्ट जमा कर दी गई है। एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज से अयोध्या के श्रीराम मंदिर दान चढ़ावा गबन से जुड़ी 105 घटनाओं की पहचान की गई है। स्टेटस रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इस घटना में लिप्त आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ अन्य दूसरे साक्ष्यों का कैसे विश्लेषण किया गया है। राम मंदिर के कीमती सामान की रसीद एक सॉफ्टवेयर से बनाई जाती है, उन्हें एसबीआई के लॉकर में रखा जाता है। पुलिस की जांच पूरी हो चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट ने पूरी जानकारी को अपने रिकॉर्ड में ले लिया है। एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार, राम मंदिर के कीमती सामान की रसीद एक सॉफ्टवेयर से बनाई जाती है, उन्हें एसबीआई के लॉकर में रखा जाता है। मामले की जांच की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि 25 सितंबर तक चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी जाएगी। इस मामले में पहली गिरफ्तारी के 90 दिन 25 सितंबर को पूरे रहे है। इससे पहले चार्जशीट दाखिल हो जाएगी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी। मामले की सुनवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली बेंच ने टिप्पणी की कि सेशन जज से मामला हम अपने हाथ में नहीं लेना चाहते हैं। हमें यदि लगा कि मामले में आगे जांच की जरूरत है तो हम आदेश जारी करेंगे।
बता दें, श्री राम मंदिर में दान चढ़ावा गबन सामने आने के बाद ट्रस्ट के मुख्य पदाधिकारी चंपत राय और अनिल मिश्रा को पद से हटा दिया गया। ट्रस्ट में अब सीईओ व्यवस्था भी लागू की गई और वायु सेना के पूर्व अधिकारी जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला सीईओ बनाया गया है।
