गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग तेज, 31 मई से जनजागरण पदयात्रा
राजधानी देहरादून के प्रेस क्लब में स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति द्वारा प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता में समिति के संयोजक विनोद रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखंड गठन के 25 साल बाद भी राज्य की स्थायी राजधानी तय नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में अस्थायी राजधानी का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन उत्तराखंड में दो-दो अस्थायी राजधानियों की व्यवस्था चल रही है।उन्होंने बताया कि 31 मई से जनजागरण पदयात्रा की शुरुआत की जाएगी, जो परेड ग्राउंड से शुरू होकर इंद्रमणि बडोनी की मूर्ति स्थल तक पहुंचेगी। करीब 20 किलोमीटर की इस यात्रा के माध्यम से लोगों को गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने के मुद्दे पर जागरूक किया जाएगा।विनोद रतूड़ी ने कहा कि इसके बाद भी विभिन्न यात्राएं आयोजित की जाएंगी और गैरसैंण में अमरण अनशन भी किया जाएगा। साथ ही इस मामले को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
विनोद रतूड़ी, संयोजक, स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति
