बच्चों के पोषण पर धन सिंह रावत का बड़ा प्रस्ताव, पौष्टिक भोजन और राज्यों को अधिक वित्तीय राहत की उठाई मांग
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भारत सरकार द्वारा आयोजित प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम-पोषण) और समग्र शिक्षा अभियान की समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। उन्होंने विद्यालयों में बच्चों को अधिक पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए पीएम-पोषण योजना के तहत सामग्री लागत (मैटेरियल कॉस्ट) बढ़ाने तथा समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्रांश जारी करने की वित्तीय बाध्यता में राहत देने की मांग की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित भारत रत्न सी. सुब्रह्मण्यम प्रेक्षागृह, आईसीएआर-पूसा में आयोजित दो दिवसीय समीक्षा बैठक में डॉ. रावत ने कहा कि वर्तमान सामग्री लागत में वृद्धि की जानी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर गुणवत्ता का पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने प्राथमिक स्तर पर मैटेरियल कॉस्ट 10 रुपये और उच्च प्राथमिक स्तर पर 15 रुपये करने का सुझाव दिया।
उन्होंने भोजनमाताओं के मानदेय में वृद्धि करने और उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए किचन-कम-स्टोर निर्माण के लिए 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता देने का भी आग्रह किया।
समग्र शिक्षा अभियान पर सुझाव देते हुए डॉ. रावत ने कहा कि वर्तमान में अगली किस्त प्राप्त करने के लिए 75 प्रतिशत राशि खर्च करने की अनिवार्यता है, जिसे घटाकर 50 प्रतिशत किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि इससे राज्यों को समय पर केंद्रांश प्राप्त होगा और विकास कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सकेंगे।
इसके अलावा उन्होंने पर्वतीय राज्यों के लिए वार्षिक रखरखाव अनुदान बढ़ाने, सीपैक्स परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए मानव संसाधन मानदेय स्वीकृत करने, एनआईओएस डेटा को यू-डायस प्लस से जोड़ने, राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क गणवेश सहायता 1,000 रुपये प्रति छात्र करने तथा भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के आधार पर प्रत्येक तिमाही में केंद्रांश समयबद्ध जारी करने का सुझाव भी रखा।
बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि केंद्र सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने उत्तराखंड में पीएम-पोषण और समग्र शिक्षा अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया है और अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
बैठक के दौरान डॉ. धन सिंह रावत ने उत्तराखंड सरकार द्वारा पीएम-पोषण और समग्र शिक्षा अभियान के तहत किए जा रहे नवाचारों और उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की, जिसकी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और अधिकारियों ने प्रशंसा की।
