अनुशासन और समय के पाबंद उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल रि. बी.सी. खंडूड़ी पंचतत्व में हुए विलीन: उनके पुत्र मनीष खंडूड़ी ने मुखाग्नि देकर की पूरी की अंतिम संस्कार की रस्म,
Dehradun 20 May 2026,
अनुशासन और समय के पाबंद पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल रि. बी.सी. खंडूड़ी जी आज बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। हरिद्वार स्थित खड़खड़ी श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके पुत्र मनीष खंडूड़ी ने उनको मुखाग्नि दी। यहां हजारों लोगों ने अश्रुपूरित नेत्रों से अंतिम विदाई देकर उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट की। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद रहे।
दिवंगत बीसी खंडूड़ी की अंतिम यात्रा निकालने से पहले उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने दिवंगत बी.सी. खंडूड़ी को आज उनके आवास पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मेजर जनरल खंडूड़ी को एक असाधारण नेता, एक उत्कृष्ट सैनिक और एक अनुभवी प्रशासक के रूप में स्मरण किया जाएगा, जिन्होंने अपना जीवन राष्ट्र और उसके लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि में मेजर जनरल खंडूड़ी का योगदान देश के विकास पथ में एक अमिट विरासत बना रहेगा।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि मेजर जनरल खंडूरी को एक असाधारण नेता, एक उत्कृष्ट सैनिक और एक अनुभवी प्रशासक के रूप में स्मरण किया जाएगा, जिन्होंने अपना जीवन राष्ट्र और उसके लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया।

मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा और हर वर्ग के लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार के दौरान सेना एवं पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी। उनके पुत्र मनीष खंडूड़ी ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की।

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खंडूड़ी जी का निधन राज्य और देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने सेना, केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री के रूप में पारदर्शिता और अनुशासन के साथ उत्कृष्ट कार्य किए। वह हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। उनकी कमी एक अभिभावक के रूप में हमेशा महसूस होगी।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री खंडूड़ी जी का जीवन सादगी, अनुशासन और ईमानदारी का उदाहरण रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और सेना अधिकारी के रूप में हर दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाया। उनके कार्यों को उत्तराखण्ड ही नहीं, पूरा देश हमेशा याद रखेगा। सुशासन और लोकपाल जैसे महत्वपूर्ण विचारों को आगे बढ़ाने में उनका योगदान प्रेरणादायक रहा।
इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र/पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड भगत सिंह कोश्यारी, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सतपाल महाराज, डॉ धन सिंह रावत, गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा व खजान दास, सांसद अनिल बलूनी व अजय भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक व तीरथ सिंह रावत, भाजपा महामंत्री संगठन श्री अजेय कुमार, विधायकगण और संतगण मौजूद थे।
