भारत और नॉर्वे के बीच आर्थिक रिश्ते लगातारमजबूत:दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 2.73 बिलियन डॉलर तक पहुंचां
Delhi 18 May, 2026,
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे पहुंच गए हैं। नॉर्वे के प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री योनस गौर स्टोरा उन्हें हवाई अड्डे पर रिसीव करने पहुंचे। इस दौरान भारत और नॉर्वे के कई अधिकारी वहां मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी गर्मजोशी भरे स्वागत का आभार जताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, “ओस्लो पहुंच गया हूं। हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत के लिए प्रधानमंत्री योनस गौर स्टोरा का आभारी हूं। चार दशकों से अधिक समय बाद यह नॉर्वे की पहली प्रधानमंत्री स्तरीय यात्रा है। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत-नॉर्वे मित्रता को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। मैं महामहिम राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्या से मुलाकात करूंगा तथा प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री स्टॉर के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करूंगा।।
ज्ञातव्य हो कि, यह प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे की पहली यात्रा है और 43 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे यात्रा हुई है। नॉर्वे भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार देश है। आज सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे, जबकि कल मंगलवार (19 मई) को वे तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। यह यात्रा भारत-नॉर्वे संबंधों में नई ऊर्जा और मजबूती जोड़ने वाली मानी जा रही है। नॉर्डिक सम्मेलन में नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के शीर्ष नेता भी भाग लेंगे। भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन की शुरुआत वर्ष 2018 में स्टॉकहोम में हुई थी, जबकि दूसरा सम्मेलन 2022 में कोपेनहेगन में आयोजित किया गया था।
भारत और नॉर्वे के बीच आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 2.73 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। दूसरी ओर, नॉर्वे के सरकारी वेल्थ फंड ने भारतीय बाजारों में लगभग 28 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। भारत और पूरे नॉर्डिक क्षेत्र के बीच कुल व्यापार लगभग 19 बिलियन डॉलर आंका गया है।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ जॉइंट प्रेस स्टेटमेंट के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि, नॉर्वे की यात्रा करके मुझे बहुत खुशी हो रही है। यह देश नेचर और ह्यूमन प्रोग्रेसेस के बीच हार्मनी का एक सुंदर उदाहरण है। मैं विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की ओर से, नॉर्वे जैसे सुदृढ़ और जीवंत लोकतंत्र की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ। आज विश्व एक अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में, भारत और यूरोप, अपने संबंधों के एक नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर रहे है।
प्रधानमंत्री ने कहा, पिछले वर्ष, भारत और यूरोपियन फ्री ट्रैड एसोसिएशन ने, एक ऐतिहासिक ट्रैड एण्ड इकनॉमिक पार्ट्नर्शिप अग्रीमन्ट लागू किया। यह अग्रीमन्ट भारत और नॉर्वे के बीच, शेयर्ड प्रोग्रेस और प्रास्पेरिटी सुनिश्चित करने का ब्लू प्रिन्ट है। इस अग्रीमन्ट में, अगले पंद्रह वर्ष में भारत में, एक सौ बिलियन डॉलर इनवेस्टमेंट, और एक मिलियन जाॅब्स क्रीऐट करने का लक्ष्य है। आज, हम दोनों ने, इस अग्रीमन्ट के प्रॉमिस को आउटकम्स में बदलने के लिए, कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

आज हम भारत-नॉर्वे संबंधों को, एक ग्रीन स्ट्रटीजिक पार्ट्नर्शिप का स्वरूप दे रहे हैं। इस स्ट्रटीजिक पार्ट्नर्शिप से, क्लीन एनर्जी से लेकर क्लाइमेट रिज़िल्यन्स, ब्लू ईकानमी से लेकर ग्रीन शिपिंग, हर क्षेत्र में भारत की स्केल, स्पीड और टैलेंट को, नॉर्वे की टेक्नॉलजी और कैपिटल के साथ जोड़कर, हमारी कम्पनीस ग्लोबल सोल्युशंस डिवेलप करेंगी। रिसर्च, एजुकेशन, और इनोवैशन भी, हमारे संबंधों के मजबूत पिलर बन रहे हैं। आज हमने सस्टेनिबिलिटी, ओशन एनर्जी, जिऑलोजी और हेल्थ जैसे क्षेत्रों में, रिसर्च को-ऑपरेशन बढ़ाने पर सहमति बनाई।
इंजीनियरिंग, एआई, साइबर, और डिजिटल जैसे सेक्टर में हम अपनी यूनिवर्सिटी और स्टार्ट-अप एकोसिस्टम को जोड़कर अपने पार्ट्नर्शिप को फ्यूचर रेडी बनाएंगे। स्किल डेवलपमेंट और टैलेंट मोबिलिटी में भी हमारा सहयोग और व्यापक होने जा रहा है। नॉर्वे आर्कटिक रीजन का एक महत्वपूर्ण देश है। आर्कटिक और पोलर रिसर्च में हमारा लंबे समय से सहयोग रहा है। भारत के आर्कटिक रिसर्च स्टेशन “हिमाद्रि” के ऑपरेशन के लिए हम नॉर्वे के आभारी हैं। भारतीय अंतरिक्ष एडमिशन संगठन इंडियन सेटेलाइट रिसर्च आर्गेनाईजेशन इसरो और नॉर्वे स्पेस एजेंसी के बीच आज हो रहा एमओयू, हमारे स्पेस को-ऑपरेशन को भी नए आयाम देगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, दो बड़े मैरीटाइम देश होने के नाते, हम साथ मिलकर मरीन ईकानमी, मैरीटाइम सिक्युरिटी और कपैसिटी बिल्डिंग में सहयोग को मजबूत करेंगे। आज हमने ट्रायंगुलर डेवलपमेंट को-ऑपरेशन अग्रीमन्ट किया है। अब हम मिलकर ग्लोबल साउथ के देशों में, भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से, ह्यूमन डेवलपमेंट में योगदान देंगे। भारत और नॉर्वे, दोनों, रो बेस्ट ऑर्डर, डायलॉग और डिप्लोमसी में विश्वास रखते हैं। हम एकमत हैं कि मिलिटरी कॉन्फ्लिक्ट से किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं निकल सकता। यूक्रेन हो या पश्चिमी की शीघ्र समाप्ति और शांति के हर प्रयास का समर्थन करते हैं और समर्थन करते रहेंगे। हम इस बात पर भी एकमत हैं, कि बढ़ते हुए ग्लोबल चैलेंजेज के समाधान के लिए ग्लोबल इंस्टीट्यूशन का रिफॉर्म अनिवार्य है। और टेररिज्म के हर रूप को जड़ से समाप्त करना हमारी साझी प्रतिबद्धता है।
