कॉर्बेट में हाथियों की गणना शुरू, 150 से अधिक वनकर्मी जुटे
विश्व प्रसिद्ध Corbett Tiger Reserve में हाथियों की गणना का विशेष अभियान शुरू हो गया है। पार्क प्रशासन द्वारा यह अभियान 26 मई से 30 मई तक चलाया जाएगा, जिसके तहत रिजर्व की सभी 72 बीटों में हाथियों की संख्या और उनकी गतिविधियों का आकलन किया जाएगा। इस कार्य में 150 से अधिक वनकर्मी और विशेषज्ञ लगाए गए हैं।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों के साथ-साथ हाथियों की भी नियमित गणना कराई जाती है। पार्क प्रशासन के अनुसार वर्ष 2015 में हुई गणना में कॉर्बेट लैंडस्केप में करीब 850 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई थी, जबकि वर्ष 2020 की गणना में यह संख्या बढ़कर 1226 से अधिक पहुंच गई थी। ऐसे में इस बार की गणना को बेहद अहम माना जा रहा है।
पार्क प्रशासन का कहना है कि इस बार हाथियों की गणना वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है। इसके लिए Wildlife Institute of India (WII) का सहयोग लिया जा रहा है। हर रेंज में अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, जिनमें वनकर्मियों के साथ WII के रिसर्चर भी शामिल हैं। ये टीमें हाथियों की गतिविधियों, उनके मूवमेंट, झुंड की संख्या और निवास क्षेत्रों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करेंगी।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक Saket Badola ने बताया कि पिछली गणना के अनुसार पूरे कॉर्बेट लैंडस्केप में 1200 से ज्यादा हाथी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इस बार गणना कार्य शुरू होने से पहले वनकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि आंकड़ों में अधिक सटीकता लाई जा सके।
उन्होंने बताया कि गणना के दौरान जुटाए गए सभी आंकड़े WII को भेजे जाएंगे, जिसके आधार पर पूरे उत्तराखंड में हाथियों की वास्तविक संख्या का आकलन किया जाएगा। पार्क प्रशासन का मानना है कि यह अभियान वन्यजीव संरक्षण और हाथियों के सुरक्षित आवास प्रबंधन के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
कॉर्बेट में हाथियों की बढ़ती संख्या को वन्यजीव संरक्षण की बड़ी सफलता माना जा रहा है। यही वजह है कि इस बार की गणना पर वन विभाग के साथ-साथ वन्यजीव विशेषज्ञों की भी विशेष नजर बनी हुई है।
डॉ0 साकेत बडोला,
डायरेक्टर सीटीआर
