ईपीएफओ देहरादून को मिले नए क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, वी.वी.बी. सिंह ने संभाला कार्यभार
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून में नए क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम के रूप में वी.वी.बी. सिंह ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी प्राथमिकताओं, कार्यालय की कार्यप्रणाली में सुधार तथा कर्मचारियों एवं नियोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
वी.वी.बी. सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना तथा सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार करना है।
उन्होंने बताया कि योजना के भाग-ए के अंतर्गत पहली बार औपचारिक रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। मार्च 2026 में 435 प्रतिष्ठानों से जुड़े 985 कर्मचारियों को लगभग 57.60 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। वहीं जून 2026 में 902 प्रतिष्ठानों के 3,991 कर्मचारियों को लगभग 2.22 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। इस प्रकार योजना के पहले नौ महीनों में कुल 4,976 कर्मचारियों को लगभग 2.80 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने बताया कि योजना के भाग-बी के तहत अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मार्च 2026 में 141 नियोक्ताओं को लगभग 2.50 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई थी, जबकि जून 2026 में 562 नियोक्ताओं को लगभग 15.82 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इस प्रकार क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून के अंतर्गत नियोक्ताओं को कुल 18.32 करोड़ रुपये का लाभ दिया जाना अनुमन्य है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उत्तराखंड में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने, युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने तथा सामाजिक सुरक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि ईपीएफओ कार्यालय भविष्य में भी कर्मचारियों और नियोक्ताओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
वी.वी.बी. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी और अधिक से अधिक श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
वी.वी.बी. सिंह, आयुक्त प्रथम, क्षेत्रीय भविष्य निधि, उत्तराखंड।
