एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा, केंद्रीय मंत्री से हुई अहम चर्चा
उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से शिष्टाचार भेंट की। बैठक के दौरान एचएनबी गढ़वाल (केंद्रीय) विश्वविद्यालय में शैक्षणिक एवं अनुसंधान अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, एनआईटी श्रीनगर (गढ़वाल) के विकास तथा राज्य में उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मीडिया को जारी बयान में डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के साथ हुई बैठक में हेफा (उच्च शिक्षा वित्तपोषण एजेंसी) के तहत एचएनबी गढ़वाल (केंद्रीय) विश्वविद्यालय में 459.095 करोड़ रुपये की लागत से शैक्षणिक एवं अनुसंधान अवसंरचना के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि यह परियोजना विश्वविद्यालय में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करेगी तथा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को नई गति प्रदान करेगी। इससे छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों, शिक्षकों और आमजन को भी लाभ मिलेगा।
बैठक के दौरान डॉ. रावत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को एनआईटी श्रीनगर (गढ़वाल) के नवनिर्मित परिसर के लोकार्पण के लिए उत्तराखंड आने का आमंत्रण दिया और सुविधानुसार समय उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि परिसर के लोकार्पण से शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों का संचालन और अधिक प्रभावी ढंग से शुरू हो सकेगा।
डॉ. रावत ने एनआईटी श्रीनगर में स्थायी निदेशक की शीघ्र नियुक्ति की आवश्यकता भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखी। इसके अलावा उन्होंने संस्थान परिसर में जलभराव की समस्या से अवगत कराते हुए प्रभावित छह परिवारों के समुचित विस्थापन एवं पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग का अनुरोध किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने इन सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड की उपलब्धियों की सराहना करते हुए डॉ. धन सिंह रावत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि डॉ. रावत के नेतृत्व में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। विशेष रूप से उत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने तथा यूनेस्को एआई फॉर एजुकेशन अवार्ड-2026 के टीचर ट्रेनिंग वर्ग में उत्तराखंड एससीईआरटी की परियोजना के विश्व की शीर्ष छह परियोजनाओं में शामिल होने को उन्होंने राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
