April 22, 2026

छ: महीने के भीतर गोरखा समस्याओं का होगा समाधान: केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह

West Bengal 21 April 2026,

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण 23 अप्रैल को होने वाले मतदान कें चुनावी प्रचार प्रसार के अंतिम दिन केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दार्जिलिंग की एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की वर्तमान सरकार पर तीखे हमले किए। दार्जिलिंग में उमड़ी भीड़ को देखकर अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि अब बंगाल की जनता ने ममता सरकार को बदलने के लिएअपना मन बना लिया है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर बंगाल से लेकर गंगा सागर और कोलकाता तक के लोग अब परिवर्तन चाहते हैं।

अमित शाह ने अपने भाषण में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार को हटाने का सही समय आ गया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन चुनावों से दार्जिलिंग के लोग लगातार भाजपा के पक्ष में मतदान कर रहे हैं, लेकिन इस बार पूरे राज्य का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। यह चुनाव केवल सत्ता बदलने का नहीं बल्कि बंगाल की अस्मिता और सुरक्षा को बहाल करने का जरिया बनने वाला है।

गृह मंत्री ने ममता सरकार पर संसाधनों के आवंटन में भारी भेदभाव करने का एक बहुत ही गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तृणमूल सरकार ने उत्तर बंगाल, गोरखा समुदाय और आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए केवल 2 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके उलट, मदरसों और अल्पसंख्यक क्षेत्रों के लिए इस बजट में 5.8 हजार करोड़ रुपये रखे गए। शाह ने इसे उत्तर बंगाल के साथ किया गया सरासर अन्याय करार दिया। उन्होंने वादा किया कि भाजपा की सरकार आते ही इस भेदभाव को खत्म किया जाएगा और हर समुदाय के साथ समान न्याय सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

संदेशखाली और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर अमित शाह का रुख बेहद कड़ा और आक्रामक दिखा। उन्होंने संदेशखाली की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन शर्मनाक वारदातों ने पूरे बंगाल का सिर दुनिया के सामने झुका दिया है। शाह ने माटीगढ़ा, बागडोगरा के चाय बागानों में आदिवासी महिला के साथ हुए उत्पीड़न और आरजी कर मेडिकल कॉलेज सहित कई अन्य बलात्कार की घटनाओं का जिक्र किया

उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वाले हर एक अपराधी को चुन-चुन कर जेल की सलाखों के पीछे डाला जाएगा। सुरक्षा का माहौल बनाना उनकी पार्टी की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।

छह महीने के भीतर गोरखा समुदाय की समस्याओं का समाधान होगा। दार्जिलिंग और उत्तर बंगाल के सबसे संवेदनशील गोरखा मुद्दे पर भी अमित शाह ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला। उन्होंने गोरखा समाज को संबोधित करते हुए कि, कांग्रेस, कम्युनिस्ट और ममता सरकार ने हमेशा इस समुदाय की उपेक्षा की है। शाह ने घोषणा की कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो छह महीने के भीतर गोरखा समुदाय की लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान ढूंढ लिया जाएगा। शाह ने चाय बागानों को बचाने और वहां काम करने वाले मजदूरों के हितों की रक्षा करने की भी कसम खाई। उनका यह आश्वासन क्षेत्र के मतदाताओं को लुभाने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

 

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