दादी की लंबी उम्र की कामना लेकर कांवड़ यात्रा पर निकले मासूम भाई-बहन
सावन माह की कांवड़ यात्रा पूरे भक्तिभाव और उत्साह के साथ अपने चरम की ओर बढ़ रही है। देशभर से लाखों शिवभक्त हरिद्वार पहुंच रहे हैं और गंगाजल भरकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। इसी बीच धर्मनगरी में आस्था के साथ-साथ पारिवारिक प्रेम की एक भावुक तस्वीर भी देखने को मिली।
बागपत से एक पिता अपने नन्हे बेटे और बेटी के साथ कांवड़ लेने हरिद्वार पहुंचे। दोनों मासूम बच्चे अपनी दादी के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना लेकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ यात्रा पर निकले हैं।
बच्चों ने बताया कि उन्हें भगवान भोलेनाथ पर पूरा विश्वास है। उनका मानना है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना भगवान शिव जरूर स्वीकार करते हैं। इसी विश्वास के साथ वे अपनी दादी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और चाहते हैं कि उनकी दादी हमेशा स्वस्थ रहें और लंबी उम्र पाएं।
मासूम भाई-बहन की निश्छल भक्ति और दादी के प्रति उनका प्रेम कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बच्चों की इस भावना ने यह संदेश भी दिया कि कांवड़ यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि परिवार के प्रति प्रेम, सम्मान और भारतीय संस्कारों की खूबसूरत अभिव्यक्ति भी है।
हरिद्वार की सड़कों पर जहां एक ओर लाखों कांवड़िये ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं, वहीं इन मासूम बच्चों की दादी के लिए की गई प्रार्थना कांवड़ यात्रा के भावनात्मक और मानवीय पक्ष को भी सामने ला रही है।
शिवभक्त
