कांवड़ मेले में SDRF की मुस्तैदी, 8 टीमें संभाल रहीं सुरक्षा की कमान
धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) पूरी तरह मुस्तैद है। गंगा के तेज बहाव और संवेदनशील घाटों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। शुक्रवार को SDRF सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने हरिद्वार पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया।
SDRF सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने बताया कि मुख्यमंत्री और पुलिस मुख्यालय (DGP) के दिशा-निर्देशों के अनुसार SDRF की टीमें कांवड़ियों की सुरक्षा में लगातार जुटी हुई हैं। संभावित भारी भीड़ को देखते हुए इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पिछले वर्ष कांवड़ मेले में SDRF की 6 टीमें तैनात थीं, जबकि इस बार टीमों की संख्या बढ़ाकर 8 कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि कांगड़ा घाट, प्रेमनगर घाट, गौ घाट, नीलकंठ, राम झूला और लक्ष्मण झूला समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर SDRF के जवानों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) की ओर से SDRF को हाईटेक कमर्शियल ड्रोन उपलब्ध कराया गया है। व्हीकल-माउंटेड इस ड्रोन के जरिए कंट्रोल रूम से पूरे मेला क्षेत्र, श्रद्धालुओं की भीड़ और किसी भी आकस्मिक स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
24 रेस्क्यू ऑपरेशन में 37 कांवड़ियों की बचाई जान
अर्पण यदुवंशी ने बताया कि कांवड़ मेला शुरू होने के बाद से अब तक SDRF की टीमों ने 24 अलग-अलग रेस्क्यू अभियानों को अंजाम दिया है। इन अभियानों के दौरान गंगा के तेज बहाव में बह रहे 37 कांवड़ियों को डूबने से सुरक्षित बचाया गया है। वहीं, पिछले वर्ष SDRF ने 95 रेस्क्यू अभियानों के दौरान 165 लोगों की जान बचाई थी।
मौसम विभाग की ओर से जारी ऑरेंज और रेड अलर्ट तथा गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए SDRF ने श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। सेनानायक ने कहा कि कांवड़िये अनजान और गहरे घाटों पर जाने से बचें तथा गंगा से जल भरते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने और लापरवाही करने से बचने की सलाह दी है।
अर्पण यदुवंशी, सेनानाक़, SDRF
