हरिद्वार में बड़ा हादसा: नहर में डूबने से चार नाबालिग कांवड़ियों की मौत
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार की उपनगरी ज्वालापुर से एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है। जटवाड़ा पुल के पास नहर में नहाने के दौरान चार नाबालिग कांवड़ियों की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, जल पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा रेस्क्यू अभियान चलाकर चारों के शव नहर से बाहर निकाले।
पुलिस के अनुसार, मृतक सभी कांवड़िए चंडीगढ़ से हरिद्वार गंगाजल लेने आए एक जत्थे का हिस्सा थे। उनकी उम्र लगभग 16 से 18 वर्ष के बीच बताई जा रही है। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। घटना की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
निर्धारित घाट छोड़कर नहर में उतरे थे कांवड़िए
एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। विभिन्न घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और संवेदनशील स्थानों पर एसडीआरएफ (SDRF) के जवानों की तैनाती भी की गई है। इसके बावजूद ये कांवड़िए निर्धारित एवं सुरक्षित घाटों की बजाय नहर में स्नान करने चले गए, जहां गहरे पानी में जाने से चारों डूब गए।
पुलिस और जल पुलिस की टीमों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। काफी मशक्कत के बाद चारों के शव बरामद किए गए।
प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील
हादसे के बाद प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों और अन्य श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। अधिकारियों ने कहा कि चेतावनी वाले स्थानों, नहरों और प्रतिबंधित क्षेत्रों में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षा नियमों का पालन करने और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की अपील की है।
इस दर्दनाक घटना के बाद कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच के साथ ही मृतकों के परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है।