प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद में लगभग ₹9,400 करोड़ की कई विकास परियोजनाओं का किया शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण:ऊर्जा बचाने का किया आह्वान,
Telangana 10 MAY 2026,
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज तेलंगाना के हैदराबाद में लगभग ₹9,400 करोड़ की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय और वैश्विक, दोनों ही स्तरों पर हैदराबाद के परिवर्तनकारी महत्व की जानकारी दी। तेलंगाना और पूरे देश के तीव्र विकास को गति देने में इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए, उन्होंने बताया कि आज शुरू की गई कई बड़े पैमाने की परियोजनाएं किस तरह तेलंगाना को प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी। श्री मोदी ने कहा कि इन परियोजनाओं के उद्घाटन से नए रोजगार के हजारों अवसर उपलब्ध होंगे और इसके साथ ही क्षेत्रीय संपर्क सुविधा भी मजबूत होगी। प्रधानमंत्री ने इन परियोजनाओं के लिए तेलंगाना की जनता को बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक अवसंरचना का निर्माण करते हुए ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ पर भारत की प्रगति पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने ज़हीराबाद औद्योगिक क्षेत्र को इस परिवर्तन की आधारशिला के रूप में पहचाना; यह क्षेत्र औद्योगिक गलियारों को विकसित करने के भारत सरकार के राष्ट्रीय मिशन का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि यह उभरता हुआ परिसर ‘औद्योगिक स्मार्ट सिटी’ के रूप में कार्य करेगा, जो विश्व स्तरीय अवसंरचना, बेहतरीन बिजली आपूर्ति और उन्नत आईसीटी नेटवर्क से सुसज्जित होगा, और वैश्विक निवेशकों को अपने उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक हर सुविधा प्रदान करेगा। बड़े वित्तीय निवेश का ब्योरा देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार हज़ारों करोड़ रुपये इन सुविधाओं के लिए देगी, जिससे तेलंगाना और हैदराबाद के हज़ारों युवाओं के लिए रोज़गार के नए रास्ते खुलेंगे। इसके कई गुना असर पर ज़ोर देते हुए श्री मोदी ने कहा, “यहाँ बनने वाले वाहन और मशीनें, और इस ज़ोन में लगने वाली फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज़, तेलंगाना के मज़दूरों और किसानों को सशक्त बनाएँगी।
प्रधानमंत्री ने कहा पिछले 12 वर्ष में, आधुनिक संपर्क सुविधा भारत सरकार की प्रमुख प्राथमिकता रही है; चाहे सड़कें हों, रेल हो, या हवाई अड्डे, संपर्क के हर माध्यम में अभूतपूर्व निवेश किया जा रहा है।आज पूरी दुनिया में हर व्यक्ति ऊर्जा सुरक्षा के महत्व को अनुभव कर रहा है; परिणामस्वरूप, हमारी केंद्र सरकार भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व निवेश कर रही है।
प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के वैश्विक संदर्भ में ऊर्जा सुरक्षा के महत्व पर ज़ोर दिया क्योंकि ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट आने से सभी आर्थिक गतिविधियाँ ठप हो सकती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब दुनिया भर में हर व्यक्ति ऊर्जा सुरक्षा के रणनीतिक महत्व को समझता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत सरकार राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए अभूतपूर्व निवेश कर रही है। प्रधानमंत्री ने मलकापुर में इंडियन ऑयल के नए टर्मिनल के उद्घाटन को महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम बताया। सतत क्षेत्रीय विकास के लिए इस परियोजना के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए श्री मोदी ने कहा, “यह टर्मिनल तेलंगाना की बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करेगा और आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत बनाएगा। प्रधानमंत्री ने हाल के वर्षों में वैश्विक सौर ऊर्जा उत्पादकों की शीर्ष श्रेणी में भारत की शानदार बढ़त की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने सरकार की चरणबद्ध ऊर्जा विविधीकरण रणनीति के बारे में भी बताया। उन्होंने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण के क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति का भी ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि सभी तक एलपीजी पहुँचाने पर शुरू में दिया गया ज़ोर अब सस्ती पाइप वाली प्राकृतिक गैस के वितरण को बढ़ावा देने और पूरे देश में सीएनजी-आधारित सिस्टम को आगे बढ़ाने की दिशा में बदल गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यापक योजनाएं भारत को मौजूदा वैश्विक उच्चऊर्जा संकट से निपटने में मदद करती हैं। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा बचाने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि आयातित ऊर्जा उत्पादों का इस्तेमाल असली ज़रूरत के हिसाब से ही समझदारी से किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने संयम बरतने के वित्तीय और भू-राजनीतिक, दोनों तरह के फ़ायदों पर ज़ोर दिया। श्री मोदी ने कहा, “हमें सिर्फ़ उतनी ही ऊर्जा इस्तेमाल करने की कोशिश करनी चाहिए, जितनी ज़रूरी हो, ताकि विदेशी मुद्रा बचाई जा सके और युद्ध के संकटों के बुरे असर को कम किया जा सके।
