केदारनाथ पैदल मार्ग पर भटके चार यात्रियों को SDRF ने रात में किया रेस्क्यू, सभी सुरक्षित
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर शॉर्टकट अपनाना चार युवकों को भारी पड़ गया। मुख्य पैदल मार्ग से भटककर नदी के दूसरे किनारे फंस गए यात्रियों को देर रात SDRF की टीम ने सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला। सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार 15 जून 2026 की रात करीब 10:35 बजे कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग से SDRF पोस्ट लिनचोली को सूचना मिली कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर चार युवक शॉर्टकट के चक्कर में रास्ता भटक गए हैं और नदी के दूसरे किनारे फंस गए हैं। अंधेरे और सुनसान इलाके में फंसे यात्री सहायता के लिए पुकार रहे थे तथा काफी भयभीत थे।
सूचना मिलते ही SDRF पोस्ट लिनचोली की टीम हेड कांस्टेबल भारत सिंह और हेड कांस्टेबल मोहन सिंह के संयुक्त नेतृत्व में आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई। टीम ने मोबाइल फोन के माध्यम से यात्रियों से संपर्क स्थापित कर उनकी संभावित लोकेशन प्राप्त की और उन्हें धैर्य बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
घने अंधेरे, सघन झाड़ियों और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच SDRF जवानों ने विशेष आपदा प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए रात्रिकालीन सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने चारों यात्रियों को खोज निकाला और उन्हें सुरक्षित मुख्य पैदल मार्ग तक पहुंचाया।
रात्रि अधिक होने और आगे का मार्ग जोखिमपूर्ण होने के कारण यात्रियों को लिनचोली में ही सुरक्षित रात्रि विश्राम के लिए रुकवाया गया। सभी यात्रियों की स्थिति सामान्य बताई गई है।
रेस्क्यू किए गए यात्रियों में साहिल कुमार (20 वर्ष), सुजीत कुमार (18 वर्ष), हिमांशु (24 वर्ष) तथा रूपेश (17 वर्ष) शामिल हैं।
SDRF ने यात्रियों से अपील की है कि केदारनाथ यात्रा के दौरान निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करें और किसी भी प्रकार के शॉर्टकट का सहारा न लें, क्योंकि इससे दुर्घटना और जानमाल के नुकसान का खतरा बढ़ जाता है।
