बरसात में स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस, डॉक्टरों और अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश
उत्तराखंड में मानसून के दौरान संभावित आपदाओं और मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट ने कहा कि केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार और राज्य की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर, त्वरित और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं।
सुरेश भट्ट ने कहा कि बरसात के मौसम में भूस्खलन, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ संक्रामक एवं मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के चिकित्सकों, चिकित्सा अधिकारियों और संबंधित विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी मंत्री स्तर पर भी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में एम्बुलेंस सेवाएं पहले से ही सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। इसके अलावा, गंभीर आपदाओं और दुर्गम क्षेत्रों में मरीजों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हेली एम्बुलेंस सेवा का भी विशेष प्रावधान किया गया है। यह सेवा आपात परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
सुरेश भट्ट ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों, जीवनरक्षक औषधियों तथा चिकित्सीय उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही चिकित्सा कर्मियों को भी किसी भी आपदा या स्वास्थ्य संकट की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मानसून के दौरान प्रदेश के किसी भी नागरिक को समय पर उपचार और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ लगातार कार्य कर रहे हैं।
सुरेश भट्ट -राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष
