20 मद्रास रेजिमेंट से चोरी हुए हथियार बरामद, पूर्व हवलदार मल्लेश गिरफ्तार
हैदराबाद। सिकंदराबाद कैंटोनमेंट के बोलारम स्थित 20 मद्रास रेजिमेंट के परिसर से चोरी हुए सेना के हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद कर लिया गया है। तेलंगाना पुलिस ने इस मामले में सेना के पूर्व हवलदार उप्पुथोल्ला मल्लेश (37) को गिरफ्तार किया है।
तेलंगाना के सिकंदराबाद कैंटोनमेंट के बोलारम में 20 मद्रास रेजिमेंट की जगह से 12 हथियार और 1,800 से ज़्यादा राउंड गोला-बारूद चोरी होने के मामले में मलकाजगिरी पुलिस ने शुक्रवार (11 सितंबर, 2026) को एक पुराने आर्मी हवलदार को गिरफ्तार किया है, जो सिर्फ़ दो महीने पहले रिटायर हुआ था। आरोपी, उप्पुथौला मल्लेश (37), 30 जून को 20 बटालियन, मद्रास रेजिमेंट से रिटायर हुआ था। हथियार चोरी से कुछ दिन पहले रेजिमेंट के आस-पास उसकी हरकतों पर नज़र रखी जा रही थी। DGP ने कहा कि शक तब और बढ़ गया जब वह अपने कॉल रिकॉर्ड और WhatsApp हिस्ट्री मिटाकर जांच करने वालों के सामने आया।
8.5 लाख फ़ोन नंबरों का एनालिसिस किया गया
मिस्टर आनंद ने कहा कि जांच करने वालों ने शुरू में कोटे और मैगज़ीन इलाकों तक पहुंच रखने वाले सभी लोगों की एक छोटी लिस्ट बनाई थी। जब इससे कोई साफ़ सुराग नहीं मिला, तो इंटेलिजेंस और दूसरी एजेंसियों ने लगभग 8.5 लाख मोबाइल नंबरों का एनालिसिस किया और टीमों ने संदिग्धों तक पहुंचने के लिए मोबाइल फोरेंसिक, CCTV एनालिसिस, ट्रैकिंग डॉग्स और दूसरे तरीकों का इस्तेमाल किया।
आखिरकार जांच दो लोगों तक पहुंची, जिनमें मल्लेश और एक अन्य हवलदार शामिल थे। 27, 28 और 29 अगस्त को रेजिमेंट के आसपास मल्लेश की हरकतों ने पहले ही ध्यान खींचा था, जांचकर्ताओं ने पाया कि वह लोगों की हरकतों, लाइटिंग और निगरानी के इंतज़ामों की टोह ले रहा था।
पुलिस के अनुसार, चोरी की घटना 30 और 31 अगस्त की मध्यरात्रि को हुई थी। मामले में चार AK-203 राइफल, एक INSAS राइफल, कई पिस्तौल, मैगजीन, बड़ी संख्या में कारतूस तथा नाइट-विजन उपकरण चोरी होने की बात सामने आई थी।
बोलारम पुलिस, हैदराबाद टास्क फोर्स और एसओटी की संयुक्त कार्रवाई में हथियारों और गोला-बारूद को कोवकूर, याप्राल और नागरकर्नूल जिले के अचमपेट से बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को मामला अंदरूनी व्यक्ति की संलिप्तता का प्रतीत हुआ है। पुलिस के मुताबिक मल्लेश के सेना से समय से पहले सेवानिवृत्त होने को लेकर नाराजगी भी चोरी के संभावित कारणों में शामिल है। मामले की जांच जारी है।
