बीएसएम कॉलेज प्रबंधन ने प्रेसवार्ता कर दी सफाई, धरने को बताया दबाव बनाने की कोशिश
बीएसएम कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ ब्राह्मण समाज की ओर से पिछले छह दिनों से जारी धरने के बीच कॉलेज प्रबंधन ने प्रेसवार्ता कर अपना पक्ष रखा। प्रबंधन ने धरने और लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कुछ लोग संस्थान की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही धरना समाप्त कराने के नाम पर उनसे धनराशि की मांग किए जाने का आरोप भी लगाया।
प्रेसवार्ता में कॉलेज प्रबंधन ने स्पष्ट कहा कि वह किसी भी तरह के दबाव में आने वाला नहीं है। प्रबंधन के अनुसार, उसके पास संस्थान से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं और किसी प्रकार की धोखाधड़ी नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरा पक्ष स्वयं डिफॉल्टर है और इस मामले में न्यायालय की ओर से उस पर कई बार जुर्माना भी लगाया जा चुका है।
प्रबंधन ने कहा कि संबंधित विवाद फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और मामले का निस्तारण कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग धरने के माध्यम से संस्थान पर अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
गौरतलब है कि बीएसएम कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ ब्राह्मण समाज पिछले छह दिनों से धरने पर बैठा है। प्रदर्शनकारियों की ओर से प्रबंधन पर उत्पीड़न करने और करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं, अब कॉलेज प्रबंधन ने प्रेसवार्ता कर इन आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष सामने रखा है।
फिलहाल दोनों पक्षों के बीच संपत्ति और अन्य विवादों को लेकर मामला न्यायालय में लंबित है। ऐसे में पूरे प्रकरण का अंतिम फैसला न्यायालय की सुनवाई और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही होगा।
रजनीश शर्मा ( डायरेक्टर बी एस एम संस्थान रुड़की )
