लोकसभा में महिला आरक्षण संविधान संशोधन विधेयक गिरा: पक्ष में 298 वोट जबकि विपक्ष में 230 वोट पड़े,
Delhi 17 April 2026
लोकसभा में महिला आरक्षण 131 वां संविधान संशोधन विधेयक गिर गया है। पिछले 12 साल में मोदी सरकार को ये सबसे बड़ा झटका मिला है। बिल की वोटिंग में सदन के कुल 528 सदस्यों ने भाग लिया था। 131 वां संविधान संशोधन बिल जहां बिल के पक्ष में मात्र 298 वोट जबकि विपक्ष में 230 वोट पड़े हैं. बता दें कि, कुल संख्या का दो तिहाई आंकड़ा न पार कर पाने के कारण बिल पास नहीं हो पाया. इसके बाद सरकार ने बाकी 2 और विधेयकों को भी वापस ले लिया. विधेयकों पर बीते दिन करीब 13 घंटे और आज सुबह से चर्चा हो रही थी इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बाकी दोनों विधेयकों को वापस ले लिया। संसदीय कार्य मंत्री कीरें रिजिजू की भी प्रतिक्रिया इस वोटिंग पर आई है. रिजिजू ने कहा कि, ‘विपक्ष ने बड़ा मौका गंवा दिया. लेकिन हम देश की महिलाओं को उनका हक दिलवा कर रहेंगे।
तीनों विधेयकों के लिए सरकार ने 3 दिन का विशेष सत्र बुलाया था. पहले विधेयकों को लोकसभा में पेश किया गया, जिस पर 21 घंटे चर्चा हुई. 56 महिला सांसदों समेत 130 सदस्यों ने विरोध और पक्ष में अपने तर्क रखे। बता दें कि, इस बिल को केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में पेश किया था।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि 2023 में जो महिला आरक्षण बिल पास हुआ था, उसी समय सत्ता पक्ष के सहयोगियों ने संकेत दिया था कि इसे लागू करने में लंबा समय लग सकता है। उनके मुताबिक, मौजूदा प्रस्ताव के जरिए असल मुद्दे से ध्यान हटाया जा रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस बिल के बहाने भारत के चुनावी नक्शे (इलेक्टोरल मैप) को बदलने की कोशिश की जा रही है. राहुल गांधी का कहना था कि यह केवल महिला आरक्षण का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक गणित छिपा हुआ है, जिसे जनता के सामने लाना जरूरी है।
