बलाती फॉर्म में पिटकुल सब स्टेशन के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
मुनस्यारी। जैव विविधता और पेयजल स्रोतों के संरक्षण की मांग को लेकर बलाती फॉर्म में प्रस्तावित पिटकुल सब स्टेशन के विरोध में बुधवार को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शन किया। मुनस्यारी बचाओ संघर्ष समिति और मल्ला जोहर विकास समिति के बैनर तले एकत्रित लोगों ने एसडीएम डॉ. ललित मोहन तिवारी को ज्ञापन सौंपते हुए परियोजना को इस स्थान पर किसी भी कीमत पर नहीं बनने देने की चेतावनी दी।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिसंबर 2025 में भी बलाती फॉर्म में पिटकुल सब स्टेशन निर्माण के प्रस्ताव पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने पिथौरागढ़ जाकर जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई से मुलाकात कर बलाती फॉर्म की जैव विविधता और पेयजल स्रोतों के दृष्टिकोण से संवेदनशीलता से अवगत कराया था।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब आठ माह बाद 7 जुलाई को पिटकुल और तहसील प्रशासन के अधिकारियों के भूमि चयन के लिए निरीक्षण की सूचना मिलने पर क्षेत्र में फिर से आक्रोश फैल गया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पर्यावरण और जल स्रोतों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार का निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ज्ञापन में मांग की गई कि पिटकुल सब स्टेशन के लिए किसी वैकल्पिक स्थान का चयन किया जाए। इस दौरान ग्राम पंचायत सेरासुराईधार के पूर्व उपप्रधान दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि तहसील प्रशासन ने सेरासुराईधार क्षेत्र में भी भूमि का निरीक्षण किया है। उन्होंने भूमिधरों की ओर से भूमि उपलब्ध कराने संबंधी सहमति पत्र भी एसडीएम को सौंपा।
प्रदर्शन में संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मशक्तू, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत सिंह मर्तोलिया, केदार सिंह मर्तोलिया, ग्राम प्रधान बाला सिंह रलमाल, उक्रांद के वरिष्ठ नेता लोक बहादुर सिंह जंगपांगी, होटल एसोसिएशन के पूरन पांडेय, हरीश सिंह मर्तोलिया, गणेश राम, मिलम के पूर्व प्रधान भूपेंद्र सिंह जंगपांगी, कुंदन सिंह पांगती, लक्ष्मण सिंह रलमाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
एसडीएम डॉ. ललित मोहन तिवारी ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि उनका ज्ञापन और प्रस्ताव जिलाधिकारी को अग्रेषित कर दिया जाएगा, ताकि मामले में आगे आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
